
श्रीगंगानगर में खुलेआम नशे का कारोबार, पत्रिका फोटो
Sri Ganganagar drug trade: राजस्थान के सरहदी जिलों में नशे का कारोबार कानून को चुनौती दे रहा है। श्रीगंगानगर शहर की गलियों में बिचौलियों ने ऐसा नेटवर्क बना रखा है कि बस स्टैंड से लेकर सुनसान पुलिया तक ग्राहक आते ही माल हाजिर हो जाता है। 500 में चिट्टा, 1500 में गोली। टीम की पड़ताल ने साफ कर दिया है कि नशे का यह बाजार किसी सुपरमार्केट की तरह चल रहा है। सीमापार से आ रही नशे की खेप से यह काला कारोबार जमकर फलफूल रहा है जबकि पुलिस और अन्य एजेंसियों की खामोशी से कारोबारी बेखौफ हैं।
श्रीगंगानगर, शहर की गलियों में नशे का कारोबार खुलेआम चल रहा है। यहां नशे का कारोबार किसी सुपरमार्केट की तरह चलता है। चौकाने वाली बात यह है कि यह सब पुलिस की नाक के नीचे हो रहा है। पत्रिका ने इसकी पड़ताल की तो पाया कि केन्द्रीय बस स्टैंड के सामने और पद्मपुर रोड पर श्यामनगर पुलिया से श्यामनगर के बीच नशे तस्करों के लिए बिचौलिओं ने अड्डा जमा रखा है। जब मांगो, नशा हाजिर है।
दो दिन नशे के कारोबार पर निगाह रखने के बाद दोपहर पत्रिका टीम श्यामनगर में थी। तभी करीब 22 साल का लड़का बिचौलिए के पास गया। पैसों को लेकर बात नहीं बनी तो लड़का चला गया। पत्रिका टीम बिचौलिए के पास गई तो वो सकपका गया। उससे पहले चिट्टे के लिए पूछा तो उसने सवाल दागा-पहले कभी नहीं देखा, जब बताया कि नशेड़ी परिजन के लिए चाहिए तो वह नॉर्मल हुआ। फिर बोला अभी चिट्टे पर सख्ती है। उसने ट्रॉमाडोल गोली के तीन पत्तों के लिए डेढ़ हजार रुपए मांगे।
प्रश्न. एक पुड़िया चाहिए।
जवाब. पहले इधर देखा नहीं।
प्रश्न. मिलने वाले के लिए चाहिए।
जवाब. अभी माल शॉर्ट है। ज्यादा तोड़ है तो गोली मेडिकेटेड नशा दे दो।
प्रश्न. गोलियां मिलेगी क्या? मिलेगी, लेकिन रुकना होगा।
प्रश्न. कितनी देर रुकें?
जवाब. जब तक माल की आवक नहीं हो जाए तब तक इंतजार करना होगा।
प्रश्न. पहली बार ले रहा हूं, कितने रुपए लगेंगे?
जवाब. डेढ़ हजार रुपए में गोलियां मिल जाएगी। तीन पत्ते होंगे। ज्यादा चाहिए तो पेमेंट भी ज्यादा करना होगा।
Updated on:
10 Dec 2025, 9:58 AM IST
Published on:
10 Dec 2025, 9:51 AM IST
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