4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

श्रीगंगानगर में यह कैसा अमृता हाट मेला, आमदनी चवन्नी और खर्चा रुपया

https://www.patrika.com/sri-ganga-nagar-news  
2 min read
Google source verification
How does this Amrita Hat Fair

श्रीगंगानगर में यह कैसा अमृता हाट मेला, आमदनी चवन्नी और खर्चा रुपया

श्रीगंगानगर। जिला प्रशसन और महिला अधिकारिता विभाग की ओर से आयोजित जिला स्तरीय अमृता हाट मेले का समापन रविवार को सुखाडिय़ा सर्किल रामलीला मैदान में हो गया। महिला अधिकारिता विभाग ने इस मेले को आयोजित करने के लिए रामलीला मैदान में पंडाल लगाने और स्टाल सजाने के नाम पर लाखों रुपए का बजट फूंक दिया। लेकिन आमदनी सिर्फ तीन लाख रुपए ही बताई गई है। कई स्टॉल की संचालिकाओं ने अपने सामान यहां शहर के कई दुकानदारों को आधे दामों पर ही बेचने को मजबूर हो गई।

इन महिलाओं का कहना था कि जितना सामान लेकर आए ोि उसमें से सिर्फ दस प्रतिशत ही बिक्री हुई, शेष नब्बे प्रतिशत बच गया तो वापस अपने गांव लेने जाने की बजाय दुकानदारेां को ही बेच दिया ताकि परिवहन का खर्चा तो उनकी जेब से नहीं लगे। मेले में आलम यह था कि महिला अधिकारिता विभाग की चंद महिला कार्मिक जरूर थी लेकिन सुविधाओं के नाम पर इस मेले कोई खास नजर नहीं आया। यहां तक कि जिन स्वयं सहायता समूह ने स्टाल लगाई थी वे भी पिछले पांच दिनों से ग्राहको को देखने के लिए तरस गई। प्रचार प्रसार नहीं होने के कारण इस रामलीला मैदान के आसपास बसे लोग भी मेला स्थल पर नहीं आए। यहां तक कि जिले की आंगनबाड़ी मानदेय कर्मिको को भी न्यौता नहीं दिया गया था।

इस कारण रविवार को अंतिम दिन भी मेला परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। बच्चो के मनोरंजन के लिए कोई इंतजाम नहीं होने के कारण पूरा पंडाल सूना रहा। हालांकि महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष सीता स्वामी, ग्रामीण अध्यक्ष ऊषा वर्मा, साथिन निर्मला बिश्नोई, बीझंबायला की द्रोपती शर्मा, केसरदेवी, रीतू श्रीवास्तव आदि ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की हौंसला अफसाई करने के लिए मेला स्थल पर पहुंची।

पांच दिवसीय इस मेले के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक राजकुमार गौड़ की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मेले के दौरान विभिन्न आयोजित प्रतियोगिताअेां के विजेताअेां केा प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। समापन के अवसर पर संबोधित करते हुए विधायक गौङ ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण के लिए इस प्रकार के आयोजन बहुत कारगर साबित होते हैं, इन समूह की महिलाओं से अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार व आत्मनिर्भरता की प्रेरणा मिलती है। महिला अधिकारिता के सहायक निदेशक विजय कुमार ने बताया कि इस पांच दिवसीय मेले में राज्य भर से पधारे 70 स्वंय सहायता समूहों ने स्टॉल लगाई थी। मेले में करीब तीन लाख से अधिक की खरीददारी की गई। समापन कार्यक्रम के दौरान सर्वश्रेष्ठ साज सज्जा का पुरस्कार जुबिन स्वंय सहायता समूह तथा सर्वश्रेष्ठ विपणन का पुरस्कार जय संतोषी मा स्वंय सहायता समूह को दिया गया।

बड़ी खबरें

View All

श्री गंगानगर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग