4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

श्रीगंगानगर में अतिक्रमण हटाने की बजाय नगर परिषद की नौटंकी

https://www.patrika.com/sri-ganga-nagar-news/  
2 min read
Google source verification
Instead of removing encroachments in Sriganganagar

श्रीगंगानगर में अतिक्रमण हटाने की बजाय नगर परिषद की नौटंकी

श्रीगंगानगर। श्रीकरणपुर रोड पर चुंगी के पास रेलवे फाटक से सटी सरकारी भूमि पर बनी ग्यारह दुकानो को एक साथ तोडऩे की बजाय नौटंकी का खेल शुरू हो गया है। इस इलाके में कई मकान और दुकानें सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बन चुकी है, विधानसभा चुनाव में जिन ग्यारह दिनों का अवैध रूप से निर्माण हुआ तब वहां नगर परिषद प्रशासन ने एक्शन लेने की बजाय चुप्पी साधी रखी।

जब सभापति अजय चांडक ने कब्जा साफ करने के लिए आदेश किए तो नगर परिषद आयुक्त अशोक असीजा ने आनन फानन में 13 सदस्यीय टीम गठित कर शनिवार सुबह सात बजे अतिक्रमण हटाने के लिए भिजवा दिया। यह टीम जब कब्जे हटाने लगी तब वहां कब्जेधारकों ने हंगामा कर दिया। इन लोगों का कहना था कि उन्होंने स्वायत्त शासन विभाग में निगरानी अपील दायर की हुई है, इसकी सुनवाई आठ जनवरी को है, ऐसे में कब्जा साफ नहीं किए जा सकते। इस बीच आयुक्त से जब टीम प्रभारी नगर परिषद सचिव लाजपत बिश्नोई ने पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया तो आयुक्त का कहना था कि पुलिस फोर्स की देखरेख में ही अतिक्रमण हटाया जाएं। इस संबंध में आयुक्त का दावा था कि उन्होंने शुक्रवार को ही जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस फोर्स उपलब्ध कराने के लिए प्रार्थना पत्र भिजवाया था।

लेकिन यह प्रार्थना पत्र पुरानी आबादी पुलिस और पुलिस लाइन के अधिकारियों तक पहुंचा ही नहीं। ऐसे में परिषद अमला करणपुर रोड पर चुंगी के पास इंतजार करता रहा लेकिन पुलिस बल नहीं आया। आखिरकार करीब पांच घंटे के इंतजार के बाद परिषद अमला बैँरग लौट आया। सचिव लाजपत बिश्नोई की अगुवाई में इस अमले ने सुबह सात बजे अतिक्रमण हटाने के लिए दो एक्सकेवेटर मशीन, चार ट्रेक्टर ट्रॉलियों और बाइस सफाई कर्मियों की टीम भी बुला ली थी लेकिन पुलिस फोर्स के इंतजार में पांच घंटे बाद वापस लौटना पड़ा।

डीएलबी में विचाराधीन निगरानी अपीलइस दौरान पूर्व पार्षद प्रेम नायक ने यह कहते अड़चन डाल दी कि इन दुकानेां के संबंध में डीएलबी में निगरानी अपील दायर की हुई है। किशनलाल पुत्र सोहनलाल नायक ने नगर परिषद के खिलाफ जयपुर स्थित स्वायत्त शासन विभाग में निगरानी याचिका दायर की थी, इस संबंध में डीएलबी ने आठ जनवरी की तारीख भी तय की है। इसमें नगर परिषद आयुक्त को भी जयपुर स्थित डीएलबी कार्यालय में तलब किया हुआ हैै। ऐसे में जब तक सुनवाई की प्रक्रिया पूरी नहीं होती तब तक अतिक्रमण को तोड़ा नहीं जा सकता। नायक के समर्थन में अन्य कब्जेधारी भी वहां आकर जमा हो गए।

इन लोगों ने भी कब्जे तोडऩे का विरोध किया। इधर, नगर परिषद के अधिकारियेां का कहना था कि इस निगरानी याचिका में यह कहीं भी स्टे का जिक्र नहीं है लेकिन कब्जेधारक इस निगरानी सुनवाई का स्टे का ऑर्डर बताकर कार्रवाई रुकवाना चाहते है। विधानसभा चुनाव में अतिक्रमण कर बना डाली थी दुकानें नगर परिषद सभापति अजय चांडक ने नगर परिषद आयुक्त, कलक्टर और डीएलबी में इन दुकानों को हटाने की मांग की थी।

इस पर नगर परिषद प्रशासन ने करणपुर रोड चुंगी के पास अतिक्रमण का सर्वे कराया। इसमें पाया गया कि वहां गीता भाट, रानीदेवी, मंगतराम, टींकू व किशनलाल ने 11 अवैध दुकानों का निर्माण कर लिया था। आयुक्त ने अतिक्रमण हटाने के लिए 13 सदस्यीय टीम अधिकृत की।

इसमें नगर परिषद सचिव लाजपत बिश्नोई के अलावा राजस्व अधिकारी मिलखराज चुघ, सहायक अभियंता, स्वास्थ्य अधिकारी, पैरोकार प्रेम चुघ, कनिष्ठ अभियंता के अलावा स्वास्थ्य निरीक्षक सुमित फुटेला, कनिष्ठ सहायकसंजीव लबाना, वक्र्स मिस्त्री धर्मपाल शर्मा आदि शामिल थे।

बड़ी खबरें

View All

श्री गंगानगर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग