
कलक्टर साब, इतना मानदेय नहीं मिला है तो खरीद सके एंडरॉड फोन, आप ही बताओ कैसे भेजे फोटो
श्रीगंगानगर। कलक्टर साब, महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रतिदिन आंगनबाड़ी केन्द्र पर आने वाले बच्चों और वहां कामकाज के दौरान की फोटो मोबाइल फोन से खींचकर विभागीय वट्सअप ग्रुप में भिजवाने का अनिर्वाय रूप से आदेश कर रहा है। जबकि आंगनबाड़ी की अधिकांश मानदेय महिला कार्मिकों को इतना मोटा मानदेय नहीं मिलता जिससे वे खुद एंडरॉड फोन खरीद कर फोटो भिजवाने की प्रक्रिया शुरू कर सके।
अब आप ही बताओ हम ऐसी स्थिति में क्या करें या नहीं। प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्मिक को फोन या टेबलेट उपलब्ध करवाएं अन्यथा यह आदेश वापस लेने के लिए अधिकारियों को पाबंद किया जाएं। यह कहना था अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष सीता स्वामी का। बुधवार को संगठन के एक शिष्टमंडल ने कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा।
जिलाध्यक्ष का कहना था कि प्रधानमंत्री ने आंगनबाड़ी मानदेय कर्मियों की मानदेय बढ़ोतरी करने की घोषणा की जिसकी स्वीकृति भी केन्द्र सरकार ने 12 सितम्बर को कर दी गई। लेकिन यह मानदेय बढ़ोतरी राशि अक्टूबर 2018 से लागू की गई है। अभी तक राज्य के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बढ़े हुए मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, जिसका भुगतान तुरंत प्रभाव से किया जाए।
इसके साथ-साथ आशा, कार्यकर्ता, सहायिका, साथिन को माह नवम्बर-दिसम्बर 2018 के मानदेय का अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। इसके अलावा पूरक पोषाहार व गर्म पोषाहार का भुगतान अभी बकाया है । समूह पूरक पोषाहार और गर्म पोषाहार बनाने से इंकार कर रहे हैं जिसका निराकरण करने की जरुरत है। स्वामी का कहना था कि आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गत एक वर्ष से स्टेशनरी नहीं आ रही है ।
आंगनबाड़ी कार्मिक अपने स्वयं के खर्चे से स्टेशनरी खरीद रही हैं। शिष्ट मण्डल में उषा वर्मा, चन्द्रमुखी, आशा रानी, चन्द्रकान्ता, अनिता चौधरी , मूर्ति देवी आदि शामिल थी।
Updated on:
09 Jan 2019 08:20 pm
Published on:
09 Jan 2019 08:18 pm
