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ग्रामीणों का सपना हुआ चूर-चूर… राजस्थान के इस जिले में नहीं आया एक भी आवेदन, अब गांवों में कैसे रफ्तार भरेगी ‘आपणी बस’

रोडवेज की 'आपणी बस' योजना के पहले चरण में प्रदेशभर के 362 ग्रामीण रूटों पर इन बसों का संचालन किया जा रहा है। योजना में निजी बस ऑपरेटर रोडवेज द्वारा निर्धारित किराए पर बसें चलाएंगे। इन बसों की संपूर्ण मॉनिटरिंग और प्रबंधन रोडवेज के माध्यम से की जाएगी।

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Apani Bus Yojana

रोडवेज बस-फाइल फोटो

श्रीगंगानर। राजस्थान सरकार की ओर से ग्रामीण इलाकों को रोडवेज से कनेक्ट करने के लिए चलाई जा रही 'आपणी बस' योजना श्रीगंगानगर जिले में नियमों व शर्तों के गड्ढ़े में फंसकर रह गई है। योजना के तहत राजस्थान राज्य परिवहन पथ निगम (रोडवेज) द्वारा निजी बस ऑपरेटरों के साथ अनुबंध कर 'आपणी बस' का संचालन किया जा रहा है। जिससे गांवों को निकटतम जिला मुख्यालयों से जोड़कर ग्रामीणों को किफायती और सुगम बस सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। खासकर उन इलाकों में जहां अब तक रोडवेज की बसें नहीं पहुंचती हैं।

श्रीगंगानगर जिले में आज भी बड़ी संख्या में ग्रामीण इलाके रोडवेज बस सेवाओं से नहीं जुड़े हुए हैं। ऐसे में रोडवेज की 'आपणी बस' योजना से जिले के ग्रामीणों को काफी राहत मिलने की उम्मीद थी। लेकिन नियमों की पेचीदगी के चलते श्रीगंगानगर जिले में योजना के अंतर्गत बस संचालन के लिए एक भी निजी बस ऑपरेटर ने आवेदन नहीं किया।

362 रूटों पर सेवा, महिलाओं-बुजुर्गों को किराए में छूट

रोडवेज की 'आपणी बस' योजना के पहले चरण में प्रदेशभर के 362 ग्रामीण रूटों पर इन बसों का संचालन किया जा रहा है। योजना में निजी बस ऑपरेटर रोडवेज द्वारा निर्धारित किराए पर बसें चलाएंगे। इन बसों की संपूर्ण मॉनिटरिंग और प्रबंधन रोडवेज के माध्यम से की जाएगी। 'आपणी बस' में रोडवेज बसों की तर्ज पर ही महिलाओं, बुजुर्गों और विद्यार्थियों को किराए में छूट दी जाएगी, जिससे आम ग्रामीण जनता को आर्थिक राहत भी मिलेगी।

इन सुविधाओं के साथ चलानी थी बस

इन बसों में सेमी डीलक्स श्रेणी की सुविधाएं होंगी। हर बस में 45 सीटें होंगी और जीपीएस, फर्स्ट एड, फायर सेफ्टी जैसे आधुनिक सुरक्षा उपकरण भी लगाए जाएंगे। इसका सीधा फायदा यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा के रूप में मिलेगा। जानकारी के अनुसार 'आपणी बस' योजना के तहत सरकार और निजी ऑपरेटर के बीच रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल तय किया गया है। जिसमें ऑपरेटर को प्रति किलोमीटर 45 रुपए तक भुगतान मिलेगा। इसके अलावा 1.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी भी दी जाएगी। रोडवेज की ओर से 9 वर्ष के लिए बस संचालन का अनुबंध किया जाएगा।

नियम का फंसा पेंच, एक भी आवेदन नहीं

श्रीगंगानगर जिले में भी रोडवेज ने सूरतगढ़, श्रीकरणपुर, सादुलशहर, पदमपुर, हिंदुमलकोट आदि पांच रूटों पर बस ऑपरेटरों से आवेदन मांगे थे। लेकिन नियमों में हाईवे पर बस नहीं चलाने तथा बसें 2020-21 से पुरानी नहीं होने की शर्त है। जिसको लेकर निजी ऑपरेटर सहमत नहीं हुए। उनके अनुसार पूरी तरह ग्रामीण रूट पर बसें चलाने से समय व दूरी बढ़ेगी, जिससे लागत अधिक आएगी। खासकर सूरतगढ़ क्षेत्र में जहां बड़ी संख्या में गांव नेशनल हाईवे -62 से जुड़े हैं। वहीं नई बसों पर अधिक लागत तथा रेवेन्यू शेयरिंग को लेकर भी आपत्ति रही। जिसके चलते जिले से 'आपणी बस' चलाने के लिए एक भी आवेदन नहीं आया।

नहीं मिला कोई आवेदन

जिले में 'आपणी बस' के संचालन के लिए पांच ग्रामीण रूट तय किए गए थे। लेकिन अनुबंध में हाईवे पर बसें नहीं चलाने तथा 2020-21 मॉडल से पुरानी बसें नहीं होने सहित रेवेन्यू संबंधित कुछ शर्तों को लेकर ऑपरेटरों को आपत्ति रही। इस कारण जिले से एक भी ऑपरेटर का आवेदन नहीं मिला है। रोडवेज मुख्यालय को शर्तों में संशोधन के संदर्भ में लिखा गया है ताकि योजना से हर गांव तक बेहतर और सस्ती परिवहन सेवा पहुंचाई जा सके। - नरेन्द्र कुमार चौधरी, मुख्य प्रबंधक, रोडवेज, श्रीगंगानगर

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