
जल्दी सुधरेगी सफाई व्यवस्था
श्रीगंगानगर.
नगर परिषद क्षेत्र में बिगड़ी सफाई व्यवस्था एक-दो दिनों में पटरी पर आने की उम्मीद है। 22 वार्डों में ठेके के जरिए सफाई कराने के संबंध में कार्य आदेश जारी किए जा चुके हैं। मंगलवार को ठेकेदार के कुछ सफाई कर्मी काम पर लौट आए। सभापति अजय चाण्डक ने बताया कि आज कुछ अस्थाई कर्मचारियों ने अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में सफाई का कार्य किया।
परिषद के पास लगभग 500 स्थाई सफाईकर्मी हैं, इन्हीं सफाई कर्मियों की मदद से दो माह से शहर में सफाई का कार्य करवाया जा रहा था। सफाई ठेके देने के काम में विलम्ब से शहर की सफाई व्यवस्था बेपटरी हो गई थी। चाण्डक का आरोप है कि नगर परिषद की निर्माण शाखा गंभीरता से कार्य नहीं कर रही है। उन्होंने आयुक्त को दो माह पूर्व नालों की डिसिल्टिंग कराने के आदेश दिए थे, लेकिन आज तक इसके टेण्डर नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि अगर समय पर टेण्डर नहीं हो पा रहे तो नालों की सफाई छोटे-छोटे टुकड़ों में करवाई जा सकती है, लेकिन इस मामले में भी गंभीरता नहीं दिखाई गई।
कलक्टर की चेतावनी का भी असर नहीं
उधर नगर परिषद आयुक्त सुनीता चौधरी जयपुर गई हुई हैं। इस कारण सफाई ठेकेदार को संबंधित वार्डों की सूची मंगलवार को भी नहीं दी जा सकी। बुधवार को उनके लौटने पर यह तय हो पाएगा कि ठेकेदार किन 22 वार्डों में ठेके पर सफाई करवाएगा? यहां ये उल्लेखनीय है कि पिछले दो महीनों से शहर की सफाई व्यवस्था पूरे तौर से अस्त-व्यस्त हो गई है। प्रभावशाली पार्षदों के वार्डों में फिर भी सफाई व्यवस्था चुस्त-दुरूस्त है, लेकिन ज्यादातर वार्डों में सफाई व्यवस्था के हालात बदत्तर हो गए हैं। जगह-जगह लगे कचरे के ढेर लगे हैं। स्थाई सफाई कर्मचारियों की दूसरे वार्डों में भी सफाई की जिम्मेदारी लगाई गई है। हकीकत यह है कि किसी भी वार्ड में सफाई नहीं हो रही। कलक्टर ज्ञानाराम की ओर से नगर परिषद अधिकारियों को चेताने के बावजूद उन पर कोई असर नहीं पड़ा है।
बीस कर्मचारी गैर हाजिर मिले
सभापति ने किया आकस्मिक निरीक्षण
श्रीगंगानगर.
सभापति की ओर से मंगलवार को नगर परिषद का आकस्मिक निरीक्षण किए जाने पर 20 से अधिक कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इन सभी कर्मचारियों को अंतिम चेतावनी दी गई है। सभापति अजय चाण्डक मंगलवार सुबह अचानक नगर परिषद पहुंचे। उन्होंने कार्यालय अधीक्षक को साथ लेकर परिषद का अचानक निरीक्षण किया। उन्होंने अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों की सूची बनाने के निर्देश दिए। इस बीच कर्मचारी यूनियनों के नेता सभापति के पास पहुंच गए और उन्होंने देरी से आने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आग्रह किया। सभापति ने कहा कि अगर भविष्य में ऐसा पाया गया तो संबंधित कर्मचारी स्वयं को
निलम्बित समझें।
Published on:
20 Jun 2018 11:33 am
