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Rajasthan News: किसानों को राजस्थान में यहां पर मुफ्त में मिल रहा मूंग और मोठ

Rajasthan News: मिनीकिट वितरण के लिए किसानों का चयन एक कमेटी की ओर से किया जाएगा।

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Rajasthan News: प्रदेश भर में बाजरा, मूंग, मोठ व ढेंचा सहित खरीफ की फसलों की बुवाई करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। कृषि विभाग की ओर से खरीफ की प्रमुख फसलों के उन्नत किस्म के निशुल्क मिनीकिट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मिनीकिट का आवंटन निशुल्क किया जाएगा। अच्छी बात है कि मिनीकिट वितरण के लिए किसानों का चयन एक कमेटी की ओर से किया जाएगा। इससे चहेतों को मिनीकिट बांटने जैसे विवादों पर अंकुश लग जाएगा।

अभियान में मंदिर माफी भूमि पर काश्त करने वाले किसान भी मिनीकिट ले सकेंगे। बीज मिनीकिट लघु व सीमांत महिला किसानों को ही दिए जाएंगे। कृषि विभाग ने श्रीगंगानगर सहित सहित प्रदेश के लिए मिनीकिट वितरण का लक्ष्य आवंटित कर दिया है। लक्ष्य के अनुसार श्रीगंगानगर में मूंग के 66 सौ, मोठ के एक हजार व ढेंचा बीज के पांच हजार मिनीकिट बांटे जाएंगे। अधिकांश ब्लॉक में मिनीकिट की सप्लाई पहुंच गई तथा 30 जून तक मिनीकिट का वितरण किया जाना है।

कमेटी के माध्यम से किया जाएगा वितरण

मिनीकिट वितरण के लिए कृषि विभाग ने फील्ड स्टॉफ को दिशा निर्देश जारी किए हैं। मिनीकिट वितरण के दौरान उन लघु व सीमांत किसानों को ही बांटे जाएंगे जिन किसानों ने पिछले साल मिनीकिट नहीं लिए हैं। वहीं मिनीकिट के बीजों के अंकुरण और उपज पर कृषि अधिकारी निगरानी रखेंगे। मिनीकिट वितरण कृषि पर्यवेक्षक, ग्राम पंचायत की ओर से गठित कमेटी के माध्यम से किया जाएगा।

खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी

संयुक्त निदेशक कार्यालय में कृषि अनुसंधान अधिकारी (शष्य) जगजीत सिंह ने बताया कि ढेंचा किस्म की खाद से बुवाई से खेत की उर्वरा क्षमता बढ़ती है। मानसून आने से पूर्व इसकी बुवाई कर दी जाती है। इसके पौधों के दो से तीन फिट के होते ही इस पर हल चला दिया जाता है और यह जमीन में मिलकर बरसात के पानी से सड़ जाती है। इसके बाद अन्य फसलों की बुवाई की जाती है तो बेहतर उत्पादन मिलता है। इसे देखते हुए कृषि विभाग की ओर से हरी खाद के रूप में ढेंचा के मिनीकिट भी वितरित किए जाएंगे। इन्हें किसान मानसून पूर्व की बारिश में बोकर सीजन की फसलों का बेहतर उत्पादन ले सकेगा।

कृषि आयुक्तालय की ओर से मिनीकिट वितरण के लक्ष्य जारी कर दिए हैं। मिनीकिट वितरण का लाभ लेने वाले किसानों की सूची का कृषि विभाग, जिला परिषद और संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति के पास रहेगा। मिनीकिट बीज के अंकुरित नहीं होने पर संबंधित किसान को कंपनी की ओर से समान मात्रा में 10 दिन में दोबारा बीज उपलब्ध करवाया जाएगा।

  • डॉ.सतीश शर्मा, संयुक्त निदेशक (कृषि) विस्तार,श्रीगंगानगर

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