
सादुलशहर और रायसिंहनगर में बगावत के सुर
कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श के बाद तय होगी आगामी रणनीति
श्रीगंगानगर. भारतीय जनता पार्टी की पहली सूची में सादुलशहर और रायसिंहनगर विधानसभा सीट के लिए उम्मीदवारों की घोषणा के बाद बगावत के सुर सुनाई देने लगे हैं।
सादुलशहर में विधायक गुरजंट सिंह बराड़ के पौत्र गुरवीर सिंह को टिकट देने पर डॉ.बृजमोहन सहारण के समर्थकों में गुस्सा है। रायसिंहनगर से बलवीर लूथरा को दुबारा प्रत्याशी बनाए जाने पर पूर्व विधायक लालचंद मेघवाल के समर्थकों में नाराजगी है।
रायसिंहनगर. पिछले चुनाव में पराजित बलवीर लूथरा को पुन: टिकट देने पर पूर्व विधायक लालचंद मेघवाल के समर्थकों में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। समर्थकों ने बुधवार को बैठक रखी है, जिसमें आगे की रणनीति तय होगी। हालांकि भाजपा नेता ओमप्रकाश सारस्वत ने ऐसी किसी बैठक से इनकार किया है।
सारस्वत ने पार्टी के निर्णय को सर्वोपरि बताया है। पूर्व विधायक लालचंद मेघवाल ने टिकट वितरण को लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि बगावत जैसी कोई बात नहीं। कार्यककर्ताओं के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है, लगातार दूसरी बार टिकट कटने से कार्यकर्ताओं की नाराजगी सामान्य बात है। उनके साथ बैठक के बाद आगामी रणनीति तय की जाएगी।
टिकट मिलने के बाद बलवीर लूथरा ने मंगलवार को पार्टी कार्यालय में रखी गई बैठक में कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोली। बैठक में कार्यकर्ताओं की कम संख्या को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि पार्टी के निर्णय से पूर्व विधायक लालचंद के समर्थक कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
सादुलशहर. भाजपा की टिकट विधायक गुरजंट सिंह बराड़ के पौत्र गुरवीर सिंह बराड़ को दिए जाने पर टिकट के प्रमुख दावेदार रहे डॉ. बृजमोहन सहारण के समर्थक नाराज हैं। समर्थकों का दिन भर डॉ. सहारण के आवास पर तांता लगा रहा। डॉ. सहारण ने टिकट वितरण में परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए रोष जताया है।
उन्होंने कहा कि टिकट पार्टी के सिद्धान्तों के विपरीत एक जूनियर कार्यकर्ता को दी गई है, जिससे निष्ठावान कार्यकर्ताओं की भावना आहत हुई है। डॉ.सहारण ने कहा कि कार्यकर्ताओं में नाराजगी को देखते हुए एक-दो दिन में बैठक करेंगे। उसमें निर्णय के अनुसार आगामी रणनीति तय की जाएगी।
परिवारवाद का लगाया आरोप उम्मीद टूटने पर बाहर आया गुस्सा
श्रीगंगानगर. सादुलशहर विधानसभा क्षेत्र से डॉ.बृजमोहन सहारण भाजपा की टिकट के प्रबल दावेदार थे। पिछली बार टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और 27967 वोट लेकर चौथे स्थान पर रहे।
इस बार उनके समर्थकों को उनसे भी ज्यादा उम्मीद थी, सो टिकट गुरवीर सिंह बराड़ को मिला तो समर्थकों की उम्मीद पर वज्रपात हुआ और अब वे खुलकर विरोध कर रहे हैं।
खुद डॉ.सहारण भी पार्टी के निर्णय पर खुलकर बोले हैं और इसे परिवारवाद को बढ़ावा देने वाला निर्णय बताया है। परिसीमन के बाद 2008 में अस्तित्व में आए सादुलशहर विधानसभा क्षेत्र से दो बार भाजपा का टिकट गुरजंट सिंह बराड़ को मिला है और इस बार उनके पौत्र को।
रायसिंहनगर में पार्टी ने परिवार को दरकिनार कर पिछले चुनाव में पराजित बलवीर लूथरा को टिकट दिया है। इस सीट पर पूर्व सांसद बेगाराम के परिवार का दबदबा रहा है। बेगाराम के अलावा इस सीट से उन्हीं के परिवार के सदस्य चुनाव लड़ते रहे हैं। उनके पुत्र निहालचंद वर्तमान में गंगानगर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। विधानसभा चुनाव के लिए उनके भाई लालचंद मेघवाल टिकट की दावेदारी जता रहे थे।
लालचंद 2003 में विधायक रह चुके हैं। टिकट नहीं मिलने पर लालचंद ने तो बगावत की बात को बेबुनियाद बताया है। लेकिन उनके समर्थक मुखकर होकर पार्टी के निर्णय का विरोध कर रहे हैं।
Published on:
14 Nov 2018 09:46 am
