16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फिल्मी स्टाइल में लेटर के साथ भेजे कारतूस, घर पर की फायरिंग

पुलिस के अनुसार गैंगस्टर गोल्डी के नाम से रावला क्षेत्र चक 2 केएलएम निवासी 29 वर्षीय कार्तिक यह गैंग ऑपरेट कर रहा था। गैंग व्यापारियों से रंगदारी वसूल करने के लिए घर या व्यापारिक प्रतिष्ठान पर फायरिंग करती है।

2 min read
Google source verification
Firing in Sriganganagar

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। (फोटो- पत्रिका)

राजस्थान के श्रीगंगानगर में प्रॉपर्टी डीलर के घर पर फायरिंग के मामले में पुलिस प्रशासन ने कार्तिक गैंग के छह गुर्गों को काबू किया है। एक आरोपी फरार है। इस गैंग ने अग्रसेन नगर चौक के पास प्रॉपर्टी डीलर सतीश उर्फ राजू कथूरिया के घर पर 28 मई को तड़के साढ़े तीन बजे दो फायर करवाए थे। फायर करने से पहले गैंग ने फिल्मी स्टाइल में फिरौती का एक लैटर और दो कारतूस भिजवाए थे।

इस मामले की सीओ सिटी आईपीएस बी आदित्य की अगुवाई में जवाहरनगर सीआई देवेन्द्र सिंह ने जिला विशेष टीम व साइबर सेल व मुखबिर की सहायता से गैंग का खुलासा किया। जांच अधिकारी ने बताया कि सादुलशहर के चमारखेड़ा गांव निवासी प्रदीप, हर्ष, पंजाब के ईशान्त, हरियाणा के शुभम, हिन्दुमलकोट थाना क्षेत्र निवासी कुलदीप, शिवपुर हैड फतूही निवासी कपिल को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी फरार हो गया।

चार सौ से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले

गैंग के आरोपियों की पहचान करने के लिए पुलिस ने जांच का दायरा पहले बीकानेर और रावला तक किया था। इसके बाद यह जांच दायरा सूरतगढ़ से लेकर जिला मुख्यालय तक बढ़ाया। जांच अधिकारी बी. आदित्य ने बताया कि सूरतगढ़ में एक बाइक पर सवार दो युवकों की शक्ल फायरिंग कांड से जुड़े आरोपियों से मिलने की बात सामने आई तो सूरतगढ़ से श्रीगंगानगर तक करीब चार सौ से अधिक सीसीटीवी की फुटेज खंगाली गई। मुख्य आरोपी कार्तिक को पुलिस जांच की भनक लगी तो वह भूमिगत हो गया।

यह वीडियो भी देखें

गोल्डी के नाम पर चला रहे गैंग

पुलिस के अनुसार गैंगस्टर गोल्डी के नाम से कार्तिक यह गैंग ऑपरेट कर रहा था। गैंग व्यापारियों से रंगदारी वसूल करने के लिए घर या व्यापारिक प्रतिष्ठान पर फायरिंग करती है। गैंग ने प्रॉपर्टी डीलर राजू कथूरिया को 24 मार्च की रात को मोबाइल पर गोल्डी के नाम से धमकी देकर दो करोड़ रुपए मांगे थे। धमकी अनदेखी होने पर गैंग ने एक लैटर लिखा और इसमें दो कारतूस डालकर व्यापारी को चेतावनी दी। व्यापारी ने यह बोगस करतूत मान ली। इस पर 28 मई को गैंग के शूटरों ने कथूरिया के आवास पर फायरिंग की।

पंजाब-हरियाणा और राजस्थान के अपराधी शामिल

इस गैंग ने श्रीगंगानगर में अपनी धाक जमाने के लिए हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के अपराध से जुड़े युवाओं को सदस्य बना लिया और गैंगस्टर गोल्डी के नाम से रंगदारी का खेल शुरू किया। कई लोगों ने रंगदारी रकम भी दी। जैसे जैसे अपराधियों के हौसले बढ़े तो यह रंगदारी की रकम भी बढ़ती गई।

यह भी पढ़ें- लॉरेंस गैंग का बड़ा गैंगस्टर आदित्य जैन उर्फ टोनी फिर गिरफ्तार, इस बार चूरू से निकला कनेक्शन