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ब्लाइंड मर्डर का खुलासा: ऑनलाइन गेम खेलने पर दादी डांटती थी, हमेशा के लिए चुप करा दिया, CCTV फुटेज से खुला राज

पुरानी आबादी क्षेत्र में 86 वर्षीय महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने महज छह दिन में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि द्रोपती देवी की हत्या उनके पोते मनीष चुघ ने ही की थी।

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Blind Murder

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी : फोटो पत्रिका

श्रीगंगानगर। ऑनलाइन गेमिंग की लत और कर्ज के बोझ तले दबे एक युवक ने रिश्तों को तार-तार कर दिया। पुलिस ने वार्ड 12, पुरानी आबादी में द्रोपती देवी (86) की हत्या के मामले में पोते मनीष चुघ (24) को गिरफ्तार किया है। मनीष पर एविएटर गेम में लाखों रुपए हारने के बाद लाखों रुपए का कर्ज था। मनीष जब भी घर पर मोबाइल में गेम खेलता था, उसकी दादी उसे डांटती थीं और काम पर जाने की सलाह देती थीं। घटना से पहले भी मनीष को गेम में 10–15 हजार रुपए का नुकसान हुआ था।

पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि मनीष ने खुद ही थाने में रिपोर्ट दी थी कि उसकी दादी की हत्या किसी अज्ञात व्यक्ति ने की है, लेकिन पूछताछ और जांच में उसकी कहानी झूठी निकली। पुलिस ने मनीष को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर मृतका के झुमके, घर से चोरी किए गए गहने और नकद बरामद कर लिए।

ऑनलाइन गेम और कर्ज का जाल

मनीष शीघ्र अमीर बनने की चाह में करीब एक साल पहले एविएटर गेम खेलने लगा। शुरुआत में उसे कुछ फायदा हुआ, लेकिन धीरे-धीरे वह करीब दो लाख रुपए हार गया। इस नुकसान को पूरा करने के लिए उसने दोस्तों, मामा और कई मोबाइल ऐप्स से करीब दो लाख रुपए का कर्ज लिया। कर्ज चुकाने का कोई जरिया न मिलने पर वह तनाव में आ गया।

लूट का नाटक और पुलिस को गुमराह

हत्या के बाद मनीष ने दादी के कानों से झुमके, मां और बहन के गहने व 18 हजार रुपए नकद निकाल लिए। घर का सामान बिखेरा और दरवाजे को बाहर से बंद कर स्कूटी से काम पर चला गया। पुलिस को सूचना दी कि कोई अज्ञात व्यक्ति लूट के इरादे से घर में घुसा और दादी की हत्या कर दी।

फुटेज से खुली साजिश

सीसीटीवी फुटेज में मनीष घटना वाले दिन दोपहर 1.12 बजे घर से जाते हुए दिखा, जबकि उसने रिपोर्ट में हत्या दोपहर एक से चार बजे के बीच बताई थी। इस विरोधाभास के आधार पर पुलिस ने जब जांच आगे बढ़ाई तो मनीष का कर्ज और गेमिंग की लत सामने आई। शक गहराया और पूछताछ में उसने जुर्म कबूल लिया।

जेवर बाथरूम में छुपाए

मनीष ने पुलिस को बताया कि उसने दादी के झुमके घर के बाथरूम के बल्ब बोर्ड के पीछे छिपाए थे। वह खुद एसी मैकेनिक है और पेचकस हमेशा साथ रखता था। उसका इरादा था कि कुछ दिन बाद जब मामला शांत हो जाए, तब जेवर निकालकर बेच देगा। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर बोर्ड खुलवाकर झुमके बरामद किए।

अवसाद में निगली नींद की गोलियां

हत्या के बाद मनीष मानसिक रूप से टूट गया। पुलिस ने बताया कि उसने दो दिन पहले अवसाद में नींद की आठ गोलियां निगल ली थीं। वह बार-बार अपने किए पर पछता रहा है। उसे कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। इस ब्लाइंड मर्डर केस के खुलासे में एएसपी रघुवीर शर्मा, सीओ सिटी विष्णु खत्री, सीआई देवेंद्र सिंह, एसएचओ पुरानी आबादी व कांस्टेबल राजेंद्र व चरण सिंह की विशेष भूमिका रही।

पुलिस की अपील

एसपी डॉ. अमृता दुहन ने आमजन से अपील की है कि परिजन बच्चों को मोबाइल देते समय सजग रहें। गेमिंग और सोशल मीडिया पर समय बिताने की आदत गंभीर परिणाम ला सकती है। मोबाइल की हिस्ट्री और स्क्रीन टाइम की नियमित जांच करें ताकि बच्चों को समय रहते संभाला जा सके।