
देशी शराब की 14 दुकान निकली भी नहीं थी कि जिले में 19 दुकान और हो गई खाली, 33 रह गई शेष
दस दिन में भी जमा नहीं कराई धरोहर राशि
श्रीगंगानगर. इस बार शराब कारोबारियों का रुझान कम होने के कारण आबकारी विभाग के अधिकारियों के दुकानों के सत्र 2019-20 के बंदोबस्त करने में पसीने छुड़ा दिए हैं। जिले में देशी शराब की 322 दुकानों में से प्रथम चरण में 28 दुकान शेष रह गई थी और दूसरे चरण में भी 14 पर ही आवेदन मिल सके। शेष 14 के लिए तीसरे चरण में आवेदन निकालने जाएंगे। उससे पहले ही 19 दुकानों की धरोहर राशि जमा नहीं होने पर आवंटन निरस्त करना पड़ गया। अब तीसरे चरण में 33 दुकानों के लिए आवेदन मांगे जाएंगे।
आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में देशी कंपोजिट कुल दुकानें 322 हैं। जब इन दुकानों के लिए आवेदन मांगे गए तो 28 दुकानों के लिए एक भी आवेदन नहीं मिला था और इनकी लॉटरी निकालने की प्रक्रिया पूरी की गई थी। कई दुकानों पर एक-एक ही आवेदन आए थे। विभाग की ओर से दूसरे चरण में फिर से 28 दुकानों के आवेदन मांगे थे और केवल 14 दुकानों के लिए आवेदन प्राप्त हुए। जिनकी भी लॉटरी निकाल दी गई। प्रथम चरण में एक-एक आवेदन वाली 19 दुकानों के आवेदनकर्ताओं ने दस दिन तक धरोहर राशि ही जमा नहीं कराई, जबकि इनको तीन दिन में ही राशि जमा करानी चाहिए थे लेकिन हालात खराब होने के कारण आबकारी विभाग के अधिकारी धरोहर राशि जमा होने का इंतजार करते रहे। दस दिन बाद सोमवार को जिन 19 दुकानों के लिए धरोहर राशि जमा नहीं कराई गई, उनका आवंटन निरस्त कर दिया गया। इसके चलते अब कुल 33 दुकानें विभाग के पास शेष रह गई है। इनके लिए तीसरे चरण में आवेदन मांगे जाएंगे। दुकानें घटने के बजाय बढऩे से आबकारी विभाग को परेशानी में डाल दिया है।
इस इलाके की हैं 19 शराब दुकान
- जिले में जिन दुकानों का आवंटन धरोहर राशि जमा नहीं होने पर निरस्त हुए हैं। इसमें सात दुकान ग्रामीण वृत, तीन सिटी वृत, तीन सूरतगढ़, दो दुकान श्रीकरणपुर वृत व चार श्रीविजयनगर वृत की दुकानें हैं। इन पर एक-एक आवेदन प्रात हुए थे। इन व्यक्तियों ने आवेदन के 28 हजार रुपए तो जमा करवा दिए लेकिन धरोहर राशि जमा नहीं करा पाए।
रुझान कम होने के कई है कारण
- देशी शराब की दुकानों के प्रति शराब कारोबारियों का रुझान होने का एक मुख्य कारण धरोहर राशि अधिक होना भी है। दुकानों पर हर माह एक निश्चित राशि आबकारी विभाग में जमा करानी होती है और उतनी शराब उठानी पड़ती है लेकिन कई दुकानदार धरोहर राशि से कम शराब उठाते हैं, जिससे उनको रह माह नुकसान होता है। दूसरा आवेदन फीस अधिक होने से आवेदन भी कम आते हैं। कुछ असर जिले में चल रहे नशामुक्ति अभियानों से पड़ रहा है।
14 दुकानों की लॉटरी निकाली
- आबकारी विभाग की ओर से सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में दूसरे चरण में आए चौदह देशी कंपोजिट दुकानों के आवेदनों की लॉटरी निकाली गई। इस दौरान जिला कलक्टर शिव प्रसाद एम नकाते, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र सिंह राठौड़, जिला आबकारी अधिकारी भूपेन्द्र सिंह, समाजिक एवं न्याय अधिकारिता विभाग सहायक निदेशक बीपी चंदेल सहित अन्य लोग मौजूद थे। जिला कलक्टर की ओर से 14 दुकानों पर आए आवेदनों की लॉटरी निकाली गई।
इनका कहना है
- सोमवार को कलक्ट्रेट में चौदह शराब दुकानों के लिए आवेदनों की लॉटरी निकाली गई है। अभी 14 दुकानें शेष हैं और 19 दुकानें ऐसी भी बढ़ गई, जिन पर आवेदनकर्ताओं ने धरोहर राशि जमा नहीं कराई है। अब तीसरे चरण में सभी 33 दुकानों के लिए आवेदन मांगे जाएंगे।
- प्रदीप कुमार, सीआई आबकारी विभाग श्रीगंगानगर
Published on:
18 Mar 2019 07:25 pm
