
इस बार श्रीगंगानगरी किन्नू की मिठास रहेगी फीकी
नहरबंदी व अत्यधिक गर्मी की पड़ी मार-इस बार श्रीगंगानगरी किन्नू की मिठास रहेगी फीकी-श्रीगंगानगर जिले में 11,540 हेक्टेयर में किन्नू की बागवानी,उत्पादन 25 से 30 प्रतिशत की होगा
श्रीगंगानगर.नहरबंदी व अत्यधिक गर्मी के कारण इस बार श्रीगंगानगरी किन्नू की मिठास फीकी रहेगी। जिले में किन्नू का उत्पादन 25 से 30 प्रतिशत होने की उम्मीद है। सवा लाख मीट्रिक ट्रन किन्नू का उत्पादन होगा। हालांकि किन्नू उत्पादक किसानों को किन्नू का भाव अच्छा मिलेगा। जहां अक्टूबर में पिछले वर्ष 20 से 22 रुपए खड़ी बागवानी के जनवरी और फरवरी माह के सौदे हुए थे। इस बार 25 से 30 रुपए प्रति किलो के हिसाब से रहे हैं। उल्लेखनीय है कि श्रीगंगानगर जिले में 11,540 हेक्टेयर में किन्नू व अन्य बागवानी है। इसमें इस बार 80 से 92 प्रतिशत बागवानी को हुए नुकसान से आर्थिक रूप से टूट गए हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी श्रीगंगानगर में किन्नू का उत्पादन 60 प्रतिशत कम हुआ था।
क्यूं हुआ बागवानी को नुकसान
उद्यान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अप्रेल माह में किन्नू के फूल और फल लग गए थे। इस बीच नहरबंदी की वजह से किन्नू के बागों को पर्याप्त पानी नहीं मिला और दूसरी ओर श्रीगंगानगर में रेकॉर्ड तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक रहा। मई में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। इस कारण किन्नू के बागों में फूल व फल टूट गए और नष्ट हो गए। इस कारण किसानों को बागवानी में बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है।
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प्रसिद्ध है गंगानगरी किन्नू
गंगानगरी किन्नू पंजाब व राज्य के अन्य जिलों की तुलना में अपनी लालीयुक्त चमक,आकर्षक रंग,पतले छिलके,रसीले और मिठास युक्त स्वाद के कारण देश में ही नहीं बल्कि विश्व में भी विशेष पहचान रखता है। इस बार जिले में 11,540 हेक्टेयर क्षेत्रफल में किन्नू की बागवानी है।
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पिछले वर्ष किन्नू की बागवानी को 60 प्रतिशत नुकसान
उद्यान विभाग के अनुसार पिछले वर्ष नहरबंदी,अपर्याप्त बारिश व अत्यधिक तापमान के कारण किन्नू का उत्पादन में 60 प्रतिशत की गिरावट आई थी। जहां एक वर्ष पहले श्रीगंगानगर जिले में किन्नू का उत्पादन 3 लाख 80 हजार क्विंटल हुआ था। जबकि पिछले वर्ष किन्नू का उत्पादन 1 लाख 52 हजार क्विंटल हुआ था जबकि इस वर्ष सवा लाख हैक्टेयर तक होने की संभावना है। किन्नू व्यापारी मूलंचद गैरा ने बताया कि इस बार 25 से 30 रुपए प्रति किलो चल रहा है। जबकि उत्पादन कम है जबकि गुणवत्ता ठीक है।
फैक्ट फाइल
-श्रीगंगानगर जिले में बागवानी-11,540 हेक्टेयर
-किन्नू का क्षेत्रफल-11,540 हैक्टेयर
-ड्रिप पर फलों पर किन्नू का क्षेत्रफल-9500 हैक्टेयर
-फलाअवस्था का क्षेत्रफल-10134 हैक्टेयर
-सबसे ज्यादा किन्नू का क्षेत्रफल श्रीगंगानगर में-5160 हेक्टेयर
-इस वर्ष किन्नू का उत्पादन-1,52,000 मीट्रिक टन
-गत वर्ष किन्नू का उत्पादन-1,12,000 मीट्रिक टन
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किन्नू की बागवानी को हुआ था नुकसान
-श्रीगंगानगर जिले में किन्नू को नुकसान होने पर बाग उखाड़ गए-300 हेक्टेयर
-श्रीगंगानगर जिले में बागवानी को नुकसान हुआ था-70 से 90 प्रतिशत
इस बार क्षेत्र में किन्नू मौसम अनुकूल नहीं रहने,तापमान अधिक रहने और नहरबंदी अधिक रही। इस कारण किन्नू के पौधों पर फूल आए और किन्नू बन ही रहे थे। उस समय अधिकांश फल साफ हो गए। बागवानी को 80 से 90 प्रतिशत तक नुकसान हुआ था। इस कारण इस बार किन्नू बीस से तीस प्रतिशत है। हालांकि किन्नू की गुणवत्ता व भाव अच्छा मिल रहा है। अभी तक जनवरी व फरवरी माह के सौदे हो रहे हैं।
विजय यादव,किन्नू उत्पादक किसान,न्यू प्रेम नगर श्रीगंगानगर।
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इस बार इलाके में किन्नू की महक फीकी है। जिले में करीब बीस से तीस प्रतिशत सवा लाख मीट्रिक टन किन्नू का उत्पादन होने की संभावना है। इस बार किन्नू के भाव अच्छे हैं। इस बार अत्यधिक गर्मी और सिंचाई पानी की कमी रही। इस कारण श्रीगंगानगर जिले में बागवानी में 70 से 90 प्रतिशत तक नुकसान हो गया। बागवानी के पौधे झूलस गए। जिले में 300 हैक्टेयर क्षेत्रफल से अधिक बागवानी को किसानों ने उखाड़ दिया था।
प्रीतिबाला,सहायक निदेशक,उद्यान विभाग,श्रीगंगानगर।
Published on:
11 Oct 2022 09:54 am
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