
murder of pankaj in ganganagar
श्रीगंगानगर। सादुलशहर सीआई भूपेन्द्र सोनी के भानजे पंकज सोनी पर हमलावरों ने तीन गोलियां दागी थी। गुरुवार को यहां राजकीय जिला चिकित्सालय में पोस्टमार्टम के दौरान चिकित्सकों ने यह खुलासा किया है। पहली गोली उसके बाजू में लगी जो आर पार हो गई। दूसरी गोली उसके सीने में और तीसरी गोली कनपटी को चीरती हुई बाहर निकली थी। मरने से पहले इस २७ वर्षीय पंकज ने हमलावरों से चांदी से भरा बैग छीनने के दौरान कड़ा मुकाबला किया था। इस मुकाबले में उसके पास कोई हथियार नहीं था इसलिए अपने हाथों से तीनों हमलवारों को पकडऩे लगा था, एेसा पुलिस अधिकारियों ने अब तक की जांच के बाद अपनी बात कही है।
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सीओ सिटी तुलसीदास पुरोहित ने बतायाकि हमलावर उस समय पंकज सोनी को रोका जब वह अपनी बाइक पर सादुलशहर से श्रीगंगानगर लौट रहा था। बुधवार शाम करीब साढ़े छह बजे जैसे ही वह श्रीगंगानगर रोड पर गांव बुधरवाली के पास पहुंचा तो उससे पहले अज्ञात तीन लोगों ने उसे रोका और चांदी से भरा बैंग लूटने का प्रयास किया। लूटेरों से भिडऩे के दौरान पंकज गलतफहमी का शिकार हो गया और हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने के लिए गोलियां चलानी शुरू कर दी। इस बैग में छह किलो चांदी थी। चिकित्सालय कैम्पस में मोर्चरी रूम के बाहर सोनी समाज के अलावा अन्य समाजों के पदाधिकारी और पुलिस के आला अफसरों का जमघट लग गया। यहां तक कि आईजी बीकानेर विपिन पांडे और एसपी हरेन्द्र कुमार महावर ने भी आकर सीआई भूपेन्द्र सोनी और मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया।
सादुलशहर से हुई रैकी और पीछे लग गए थे हमलावर
करीब २७ वर्षीय पंकज सोनी पुत्र साहबराम श्रीगंगानगर के इंदिरा कॉलोनी की गली नम्बर तीन का रहने वाला था। वह सोने चांदी का काम करता था। पंकज हर बुधवार को श्रीगंगानगर से सादुलशहर में सोने चांदी कारोबारियेां के यहां गहने की सप्लाई देता था। इसके बदले चांदी मेहनाता और चांदी वह लाता जिससे गहने बनाने थे। हर सप्ताह बुधवार को उसका सादुलशहर का टूर तय किया हुआ था। इस बात सादुलशहर में हमलावरों को मिली थी, जैसे ही वह शाम करीब छह बजे सादुलशहर से रवाना हुआ तो उसके पास एक बैग था, जिसमें छह किलोग्राम चांदी थी। इस चांदी को लूटने के लिए हमलावरों नेयह साजिश रची थी। लेकिन पंकज के साथ एेसा झगड़ा हो गया कि नौबत हत्या तक पहुंच गई।
सीओ ग्रामीण की टीम की दबिश
इधर, लालगढ जाटान थाना प्रभारी गुरमेल सिंह और सीओ ग्रामीण दिनेश कुमार कीअगुवाई में टीमों ने अलग अलग क्षेत्रों में हमलावरों का सुराग ढूंढने के लिए दबिश की है। बुधवार रात अंधेरा होने के कारण हमलावरों का सुराग नहीं मिला था, इस कारण गुरुवार सुबह से दोपहर तक इन दोनेां टीमों को फिर से लगाया गया है। इस हमले से इलाके में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे है कि पुलिस अधिकारियों के परिजन जब सुरक्षित नहीं है तो फिर आम आदमी की सुरक्षा किसके हवाले है। इस घटना से हुई किरकिरी को साफ करने के लिए एसपी ने पूरे इलाके में नाकाबंदी भी की है।
Video: मजदूर के हो गए होश फाख्ता
Published on:
07 Dec 2017 02:16 pm
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