
समर्थन मूल्य पर बिके गेहूं का कब होगा उठाव
केसरीसिंहपुर.
समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं, चना व सरसों के भुगतान में हो रही देरी तथा जिंसों का उठाव कार्य ठप होने से क्रुद्ध व्यापारियों व किसानों ने मंगलवार को धरना प्रदर्शन कर व्यवस्था सुधारने की मांग की। किसानों व व्यापारियों ने समिति कार्यालय में बैठे डिप्टी डायरेक्टर राजेन्द्र सिंह व प्रबंधक नवल किशोर का घेराव कर नारेबाजी की। कार्यालय पर ताला लगाकर अधिकारियों को अंदर बंद कर दिया। इससे दफ्तर का कामकाज ठप हो गया।
धरना प्रदर्शन की सूचना पर मौके पर पहुंचे उपतहसीलदार ओपी मीणा व पुलिस ने आकर समझाइश की लेकिन तीन बजे तक किसी तरह की सुलह नहीं हो पाई। धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि गेहूं का 25 अप्रेल व सरसों, चने का 30 अप्रेल तक का भुगतान प्राप्त हुआ है। पंद्रह दिनों में मात्र 35 हजार बैग ही उठाए गए, वहीं करीब 80 हजार बैग उठाव के इंतजार में अभी धान मंडी में खुले में पड़े हैं। गर्मी व तेज धूप में एक से ढाई किलो वजन कम हो रहा है। यहां वेयर हाउस में भंडारण की जगह नहीं बचने से उठाव रुका पड़ा हैं। इन कट्टो को बाहर भेजने का लेबर यूनियन ने विरोध करते हुए खुले में कैप लगाने की मांग की है।
धरना स्थल पर व्यापारियों व किसानों के लगातार चले प्रदर्शन को देखते हुए सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार राजेन्द्र सिंह व प्रबंधक डॉ. नवल किशोर गर्ग ने राजफैड के क्षेत्रीय प्रबंधक व एफसीआई के जिला प्रबंधक से फोन पर बात कर सेंट्रल वेयर हाउस में भंडारण की जगह नहीं होने व अन्य समस्याओं से अवगत करवाया। यहां ओपन कैप लगाने की स्वीकृति मिलने पर ही उठाव की समस्या का हल निकलने की बात बताई।
इस पर व्यापारियों व किसानों ने धरना स्थगित कर गंगानगर में जिला कलक्टर से मिलकर समस्या से अवगत करवाने का निर्णय लिया। करीब चार बजे दर्जनों व्यापारी व किसान क्रय विक्रय के अधिकारियों को साथ लेकर जिला कलक्टर से मिलने के लिए रवाना हो गए। इस दौरान व्यापार मंडल अध्यक्ष गौरीशंकर मित्तल, सचिव मनीष गोयल, सुरेन्द्र नारंग, चन्द्रवीर राठौड़, किसान जसपाल सिंह, उपाध्यक्ष विकास बजाज, चिमन धूडिय़ा, परमात्मासिंह, श्याम लाल अग्रवाल, अशोक मित्तल, अनिल मोहता, राजेश गर्ग आदि शामिल थे।
शाम को जिला कलक्टर से मिलने गए व्यापारियों व किसानों को जिला कलक्टर के बाहर होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। वहीं एफसीआई के डीएम ने इसे लेकर हाथ खड़े कर दिए। व्यापारियों की ओपन कैप लगाने की मांग को नकारते हुए जयपुर से दिशा निर्देश के लिए पत्र भिजवाने के अलावा किसी प्रकार की पावर नहीं होने की बात कह कर टरका दिया।
Published on:
06 Jun 2018 08:21 am
