
सिलीसेढ़ को पूरी तरह पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। प्रशासन इसके विकास का पूरा खाका तैयार करेगा। सरकार ने बजट के जरिए इस योजना को हरी झंडी दे दी है। यहां पानी सपोर्ट से जुड़े कार्य पीपीपी मॉडल पर होंगे। सिलीसेढ़ झील देखने के लिए देशभर से हर साल 50 हजार से ज्यादा पर्यटक आते हैं। बोटिंग से लेकर अन्य गतिविधियों का लुत्फ उठाते हैं। झील के आसपास का माहौल विकसित नहीं है।
यूआईटी ने एक पार्क जरूर बनाया है, लेकिन यह नाकाफी है। ऐसे में पर्यटकों के घूमने के लिए और एरिया विकसित किया जाएगा। पानी के फव्वारे, साउंड सिस्टम आदि यहां लगाए जा सकते हैं। लेजर लाइट शो का भी यहां काम होगा। इसी के साथ इसे वेटलैंड घोषित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। एक प्रशासनिक अधिकारी का कहना है कि वेटलैंड घोषित होने के बाद सिलीसेढ़ झील का और विकास होगा। अभी पानी सपोर्ट से कार्य पीपीपी मॉडल पर करवाने की तैयारी है।
सिलीसेढ़ में पर्यटक आते हैं। ऐसे में उनके ठहरने के भी उचित इंतजाम की जरूरत है। इसी को देखते हुए यहां अच्छे होटल विकसित किए जाने की योजना है। सरिस्का के बफर एरिया को छोड़कर निजी खातेदारी वाली जगहों पर होटलों के विकास की तैयारी है। बफर एरिया में चल रहे एक दर्जन से अधिक होटलों पर अभी कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। ऐसे में दूसरी जगह पर्यटकों के रुकने के इंतजाम किए जाएंगे।
Published on:
26 Feb 2025 11:51 am
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