
सिलीसेढ़ के डूब व बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण का भौतिक सत्यापन करने के लिए मंगलवार को जल संसाधन खंड, यूआईटी, प्रशासन, वन विभाग की टीम पहुंची। चयनित किए गए 16 अतिक्रमणों का सत्यापन करने के बाद अन्य एरिया का भी भ्रमण किया।
बहाव क्षेत्र में इनके अलावा कई और अतिक्रमण मिले हैं। उन पर कार्रवाई दूसरे चरण में हो सकती है। हालांकि इस सत्यापन पर भी सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि कुछ अतिक्रमण कार्रवाई की जद से बाहर कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई जल संसाधन खंड दो से चार दिन में करेगा।
सिलीसेढ़ में अतिक्रमण बेशुमार है। झील के डूब व बहाव क्षेत्र को प्रभावित किया है। भविष्य में नए अतिक्रमण न हों, इसके लिए जल संसाधन खंड हर तीन माह में सर्वे करेगा। प्रशासन ने विभाग को पाबंद कर दिया है।
यदि विभाग ने लापरवाही बरती तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। राजस्थान पत्रिका ने मुद्दा उठाया तो यह विधानसभा में गूंजा। सरकार को इस मुद्दे ने चारों तरफ घेर लिया और अफसरों को कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया।
Updated on:
24 Jul 2024 11:57 am
Published on:
24 Jul 2024 11:57 am
