
पशुपति पारस, मायावती और ओवैसी (फोटो-पत्रिका )
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासी पारा अपने चरम पर है। राजधानी पटना में आज राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) के प्रमुख पशुपति कुमार पारस के आवास पर सियासी हलचल तेज हो गई। सूत्रों के अनुसार, पारस ने लालू यादव की राष्ट्रीय जनता दल की ओर से विलय और सीट शेयरिंग के मिले प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। बताया जा रहा है कि पारस अब असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM और कुमारी मायावती की BSP के साथ मिलकर बिहार में एक नया मोर्चा खड़ा करने की तैयारी में हैं।
सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी यादव की ओर से पशुपति पारस को उनकी राष्ट्रीय लोक जन शक्ति पार्टी (RLJP) का RJD में विलय करने का प्रस्ताव मिला था। इसके बदले में उन्हें तीन विधानसभा सीटें देने की पेशकश की गई थी। लेकिन पारस ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उनका कहना है कि उनकी पार्टी अपनी पहचान और संगठनात्मक ढांचे के साथ ही चुनाव लड़ेगी। पारस समर्थकों का भी कहना है कि रलोजपा का अस्तित्व रामविलास पासवान की विरासत है, और इसे किसी भी कीमत पर किसी दूसरी पार्टी में नहीं मिलाया जा सकता।
तेजस्वी का ऑफर ठुकराने के बाद अब पशुपति पारस की नजर बीएसपी (बहुजन समाज पार्टी) और एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) पर है। सूत्रों के मुताबिक, पारस के आवास पर आपात बैठक चल रही है। जिसमें बीएसपी और AIMIM के प्रतिनिधि मौजूद हैं। इस संयुक्त मोर्चे की औपचारिक घोषणा बुधवार तक की जा सकती है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि अगर यह गठबंधन बनता है तो यह सीमांचल और दलित बहुल इलाकों में महागठबंधन और एनडीए दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है।
फिलहाल पशुपति पारस के आवास पर मंथन जारी है। शाम तक आधिकारिक बयान आने की संभावना है। हालांकि सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार पशुपति पारस की पार्टी के अंदर भी एकमत नहीं दिख रहा। कई कार्यकर्ताओं ने पारस से अकेले चुनाव लड़ने की मांग की है। वहीं, पारस के भतीजे और पूर्व सांसद प्रिंस पासवान अभी बैठक में शामिल नहीं हुए हैं। वो दिल्ली से लौट रहे हैं, थोड़ी देर में पटना पहुंचने के बाद इस बैठक में शामिल होंगे और इस रणनीति पर अपनी राय देंगे।
इधर, पशुपति पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के संसदीय बोर्ड अध्यक्ष, पूर्व सांसद सूरजभान सिंह, अपने परिवार के साथ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, यह संभावना जताई जा रही है कि सूरजभान सिंह की पत्नी और पूर्व सांसद वीणा देवी को RJD मोकामा सीट से टिकट दे सकती है। यह सीट बाहुबली अनंत सिंह के राजनीतिक दबदबे के लिए जानी जाती है, जिससे यह मुकाबला और भी दिलचस्प हो जाएगा।
यही नहीं, सूरजभान सिंह के भाई और पूर्व सांसद चंदन सिंह को भी RJD से टिकट मिलने की बात सामने आ रही है। अगर ऐसा होता है, तो चंदन सिंह उप-मुख्यमंत्री विजय सिन्हा के ख़िलाफ़ चुनावी मैदान में उतरेंगे। सूत्रों का कहना है कि सूरजभान सिंह का यह कदम उनकी पार्टी रालोजपा के RJD में विलय से स्वतंत्र हो सकता है। यानी, भले ही पूरी पार्टी का विलय न हो, लेकिन सूरजभान सिंह अपने पूरे परिवार के साथ RJD की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं।
Updated on:
12 Oct 2025 04:37 pm
Published on:
12 Oct 2025 04:30 pm
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