5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खाद्य निरीक्षक सरकारी राशन में करता था हेरा-फेरी, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत…हुआ निलंबित

सुकमा जिले के कोन्टा ब्लाक के ग्राम पंचायत कामाराम के लिए आवंटित सरकारी राशन की गड़बड़ी की शिकायत ग्रामीणों ने मार्च में कलेक्टर से शिकायत की थी।

2 min read
Google source verification
food inspector suspended

खाद्य निरीक्षक निलंबित

Chhattisgarh News: सुकमा। सुकमा जिले के कोन्टा ब्लाक के ग्राम पंचायत कामाराम के लिए आवंटित सरकारी राशन की गड़बड़ी की शिकायत ग्रामीणों ने मार्च में कलेक्टर से शिकायत की थी। वही चावल हेराफेरी के मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जांच टीम गठित कर इस पूरे मामले की जांच कराई गई। जांच में खाद्य निरीक्षक विक्रांत नायडू दोषी पाया गया। जांच के बाद खाद्य निरीक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कामाराम ग्राम पंचायत के लिए आवंटित राशन गांव तक नहीं पहुंचा। जिसको लेकर ग्रामीणों के द्वारा चावल गांव नहीं पहुंचने की शिकायत कलेक्टर के समक्ष की। जिसके बाद इस पूरे मामले को लेकर कलेक्टर ने कड़ाई से जांच करने के लिए आदेश जारी किया था, वही इस आदेश के बाद जांच प्रक्रिया प्रारंभ हुई। गोदाम से राशन वितरण कामाराम राशन दुकान के लिए कागजों में राशन परिवहन कर दिया गया।

यह भी पढ़े: बस्तर के ‘ब्लैक गोल्ड’ को दिल दे बैठे मसाला बोर्ड के वैज्ञानिक, उत्पादन कर हासिल की सफलता

दोरनापाल केंद्र प्रभारी लच्छू प्रसाद और परिवहनकर्ता आर. मुरलीमोहन के साथ मिलकर राशन की कालाबाजारी किया गया। जिसमें 260 क्विंटल चावल और 4.50 क्विंटल शक्कर की कालाबाजारी मामले में दोषी पाया गया। इस पूरे मामले की जांच दोरनापाल खाद्य निरीक्षक के द्वारा किया गया। जांच प्रतिवेदन में खाद्य निरीक्षक विक्रांत नायडू, केंद्र प्रभारी लच्छू प्रसाद और परिवहनकर्ता (Chhattisgarh News) आर मुरली मोहन सम्मिलित होना पाया गया। जबकि इस मामले में खाद्य निरीक्षक विक्रम नायडू को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था जवाब संतोषजनक होने पर जिला प्रशासन द्वारा निलंबन की कार्रवाई की गई।

गरीबों के राशन की हेरा फेरी पर हुई कार्रवाई

खाद्य निरीक्षक विक्रांत नायडू कोन्टा लंबे समय से यहां पर पदस्थ है जो इस यह इलाका नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने से उसका फायदा उठाकर चावलों की हेराफेरी विभागीय अधिकारी आसानी से कर लेते हैं क्योंकि कई बार ऐसी शिकायतें और प्रशासन तक नहीं पहुंचती है जिसकी (CG Hindi News) वजह से कार्रवाई नहीं हो पाती है वहीं यहां के ग्रामीणों की सजगता से शिकायत प्रशासन से की और उसके बाद कार्रवाई की गई है वही बता दें कि गरीबों को मिलने वाली सरकारी राशन की हेराफेरी कर खुले बाजार में 25 से 30 रुपये की दर से बेच दिया जाता है।

यह भी पढ़े: Weather Alert : मूसलाधार बारिश से कुकुर नदी में आई बाढ़, कई गावों से टुटा संपर्क....कलेक्टर ने सतर्कता बरतने के लिए जारी किया निर्देश