
Sultanpur Robbery
Sultanpur Robbery: सुल्तानपुर ज्वैलरी शॉप डकैती के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने साक्ष्यों की गहन जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की है। गुरुवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में, डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई निष्पक्ष और पारदर्शी रही है। उन्होंने इसको लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों को सिरे से खारिज किया। इस प्रेस कांफ्रेंस में एडीजी एलओ अमिताभ यश और एडीजी जोन लखनऊ एसबी शिरोडकर भी मौजूद रहे।
डीजीपी ने बताया कि 28 अगस्त को सुल्तानपुर के कोतवाली नगर क्षेत्र में भरत ज्वैलर्स में दिनदहाड़े डकैती हुई थी। इस घटना में 12 आरोपी शामिल थे, जिनमें विपिन सिंह मुख्य गैंग लीडर था। विपिन, फुरकान और उसके तीन साथियों ने 13 और 15 अगस्त को दुकान की रेकी की थी, जिसके वीडियो फुटेज भी पुलिस के पास मौजूद हैं। घटना के दौरान प्रयुक्त मोटरसाइकिलें जौनपुर से चोरी की गई थीं, जिन्हें मंगेश यादव ने चोरी किया था।
एडीजी एलओ अमिताभ यश: "डकैती में शामिल 12 आरोपियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज से हुई"
एडीजी एलओ अमिताभ यश ने बताया कि डकैती में शामिल 12 लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल साक्ष्यों के माध्यम से की गई है। इस पूरी जांच में एसटीएफ और सुल्तानपुर पुलिस की टीम ने मिलकर काम किया। घटना के दौरान प्रयुक्त बोलेरो गाड़ी का पता लगाकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से 15 किलो चांदी, मोटरसाइकिल और 38,500 रुपये बरामद किए गए।
टेक्निकल साक्ष्यों के आधार पर पूरी घटना का सीक्वल तैयार: एडीजी एसबी शिरोडकर
एडीजी जोन लखनऊ एसबी शिरोडकर ने बताया कि टेक्निकल साक्ष्यों और फुटेज की मदद से पूरी घटना का सीक्वल तैयार किया गया। विपिन सिंह जो पहले सूरत में एक लूटपाट के मामले में आरोपी था, रायबरेली में सरेंडर किया। उसकी निशानदेही पर 1.2 किलोग्राम सोना बरामद किया गया।
Published on:
12 Sept 2024 10:51 pm
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