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संत ज्ञानेश्वर हत्याकांड में पूर्व विधायक जमानत पर हुए रिहा

संत ज्ञानेश्वर हत्याकांड जिला पंचायत सदस्य यशभद्र सिंह मोनू और उनके पूर्व विधायक भाई चन्द्रभद्र सिंह सोनू ने सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया

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सुल्तानपुर. संत ज्ञानेश्वर हत्याकांड में हाई कोर्ट इलाहाबाद के निर्देश पर वारण्ट पर चल रहे जिला पंचायत सदस्य यशभद्र सिंह मोनू और उनके पूर्व विधायक भाई चन्द्रभद्र सिंह सोनू ने सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। जहां से सीजेएम ने उन्हें जमानत देते हुए हाई कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया।

उच्च न्यायलय में दायर की गई अपील

वर्ष 2009 में कुम्भ से लौट रहे सन्त ज्ञानेश्वर और उनकी तीन महिला शिष्यों की 9 लोगों समेत इलाहाबाद के हंडिया के पास अत्याधुनिक हथियारों से हत्या कर दी गई थी। जिसमें पूर्व विधायक चन्द्रभद्र सिंह सोनू और उनके अनुज यशभद्र सिंह को नामजद किया गया था। उन्हें ट्रायल के बाद इलाहाबाद के सेशन जज ने दोषमुक्त करार दिया था। इसी मामले में उच्च न्यायालय में अपील दायर की गई थी। जिसमें उच्च न्यायालय ने वारण्ट जारी कर आरोपियों को हाजिर होने का आदेश दिया था।

हाईकोर्ट के निर्देश पर वारंट पर चल रहे पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू समेत दो आरोपियों ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आत्मसमर्पण किया। जिनकी अर्जी स्वीकृत कर प्रभारी सीजेएम अनुराग कुरील ने उन्हें सशर्त जमानतनामा आैर निजी बंधपत्र दाखिल करने का आदेश दिया। मामला कूरेभार थाना क्षेत्र के मायंग से जुड़ा है। जहां के रहने वाले पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू, उनके भाई यशभद्र सिंह मोनू, सह आरोपी विजय यादव समेत चार लोगों के खिलाफ उच्च न्यायालय इलाहाबाद में संत ज्ञानेश्वर हत्याकांड से जुड़ा प्रकरण विचाराधीन है।

17 सितम्बर को कोर्ट में पेशी

हाईकोर्ट ने आगामी 17 सितम्बर को उन्हें तलब किया है। हाईकोर्ट ने जमानतीय वारंट जारी कर तय तारीख के पहले ही सभी आरोपियों को संबंधित सीजेएम की अदालत में बंधपत्र एवं जमानतनामा दाखिल करने का आदेश दिया था। इसी आदेश के अनुपालन में सोमवार को पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू व सह आरोपी विजय यादव सीजेएम कोर्ट में हाजिर हुए। जिनकी तरफ से जमानतनामा एवं निजी बंधपत्र दाखिल करने की अनुमति संबंधी अर्जी दी गयी। प्रभारी सीजेएम अनुराग कुरील ने दोनों आरोपियों को समय से हाईकोर्ट के समक्ष पेश होने के संबंध में अंडरटेकिंग देने पर सशर्त जमानतनामा और निजी बंधपत्र दाखिल करने का आदेश दिया।