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विपक्ष से नाराज होकर मल्लिका राजपूत ने गृहस्थ संन्यास की दीक्षा ली, नया नाम रखा मां मैत्तरायणी योगिनी

विपक्ष से नाराज होकर व पीएम नरेंद्र मोदी के समर्थन में लेखिका व गीतकार मलिका राजपूत ने गृहस्थ संन्यास ले लिया है।

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विपक्ष से नाराज होकर मल्लिका राजपूत ने गृहस्थ संन्यास की दीक्षा ली, नया नाम रखा मां मैत्तरायणी योगिनी

विपक्ष से नाराज होकर मल्लिका राजपूत ने गृहस्थ संन्यास की दीक्षा ली, नया नाम रखा मां मैत्तरायणी योगिनी

सुलतानपुर. विपक्ष से नाराज होकर व पीएम नरेंद्र मोदी के समर्थन में लेखिका व गीतकार मलिका राजपूत ने गृहस्थ संन्यास ले लिया है। अब मल्लिका राजपूत की जगह मां मैत्तरायणी योगिनी के नाम से पुकारी जाएंगी। मल्लिका राजपूत ने परम अवधूत उग्रचण्डेश्वर कपाली बाबा से गृहस्थ संन्यास की दीक्षा ली। मायानगरी मुंबई में मल्लिका राजपूत की अच्छी पहचान है। मल्लिका ने एक फ़िल्म, 2 वेब सिरीज़, 6000 ग़ज़लें गाईं हैं। मल्लिका ने जगजीत सिंह से लेकर पद्मश्री भजन सम्राट अनूप जलोटा के संग कई सिंगर व म्यूज़िक कम्पनी के साथ काम किया है।

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विश्व में भारत का परचम लहरा रहे हैं मोदी :- अचानक से उनके इस संन्यास की घोषणा से जिलेभर में चर्चा गरम है। पूछने पर मल्लिका कहती हैं कि, जिस प्रकार प्रधानमंत्री पद की गरिमा का मान रखते हुए नरेंद्र मोदी ने विश्व में भारत देश का परचम लहरा रहे हैं और वर्षों बाद देश को 370 मुक्त कश्मीर दिया। राम मंदिर का निर्माण भी उनके दिशा निर्देश पर शुरू हो गया है, उससे देश का गौरव बढ़ा है। विपक्ष के फ़ैसलों और क़ानूनों का विरोध अब एक सामान्य प्रक्रिया बन चुका है।

जन कल्याण के लिए जीवन समर्पित करेंगे :- मल्लिका ने कहा कि कर्मयोगी संत प्रधानमंत्री के फ़ैसलों के ख़िलाफ़ बार बार विपक्ष साज़िशन आंदोलन कर रहा है। इसी से क्षुब्ध होकर मेरा सांसारिक मोह भंग हो गया और आत्मा की जागृति की तरफ़ बढ़ गयी। मेरा नया संन्यासी नाम, चरितार्थ हो इसकी कामना करती हूं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में मैंने ग्लैमरस जीवन त्याग कर गृहस्थ संन्यास लिया है। मां मैत्तरायणी योगिनी नाम को स्वीकार कर गुरुदेव अवधूत उग्रचण्डेश्वर कपाली बाबा को गुरु मानकर जन कल्याण के लिए जीवन समर्पित करने का प्रण लिया।