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Tomato Rates : सिर्फ 5 रुपए में दो किलो मिल रहा टमाटर, किसान परेशान

सुलतानपुर के जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि मौसम की अनुकूलता और फरवरी माह में तेज गर्मी की वजह से टमाटर की पैदावार कई गुना बढ़ गई है, जिससे टमाटर का दाम गिर गया है

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
सुलतानपुर. सेहत और भोजन का स्वाद बढ़ाने वाला लाल टमाटर अब किसानों का स्वास्थ्य खराब कर रहा है, या यूं कहें कि लाल टमाटर ने किसानों की आर्थिक सेहत खराब कर दी है। कड़ी मेहनत के बाद तैयार किया गया टमाटर अब बाजार में कौड़ियों के भाव बिक रहा है। मंडियों में टमाटर के भाव गिरने से किसान मंडी न ले जाकर इसे गांवों में घूम-घूमकर बेचना शुरू कर दिया है, क्योंकि किसानों को टमाटर की उपज का लागत निकालना मुश्किल हो रहा है। सुलतानपुर में इन दिनों पांच रुपए में दो किलो टमाटर बिक रहा है।

देखा जाय तो टमाटर एक ऐसी फसल है जो वर्ष भर यानी पूरे साल पैदा होती है। वैसे तो जिले के किसान टमाटर की खेती अक्टूबर और नवम्बर महीने में करना शुरू करते हैं। उद्यान विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस साल जिले में टमाटर की कुल खेती तकरीबन 225 हेक्टेयर क्षेत्रफल में कई गई है। सुलतानपुर जिले की भदैया, दूबेपुर, लम्भुआ, कुड़ेभार और कुड़वार ब्लॉक टमाटर उत्पादन का गढ़ माना जाता है।

किसानों का दर्द
टमाटर की खेती करने वाले भदैया ब्लॉक के महानपुर गांव निवासी किसान पप्पू खान ने बताया कि उन्होंने एक हेक्टेयर खेत में टमाटर की खेती की है। पौधा फलों से लदा हुआ है, लेकिन उसका फायदा नहीं मिल पा रहा है। बताया कि टमाटर का बीज 2400 रुपये किलो खरीदा था। ऊपर से खेत की ट्रैक्टर से जुताई, रोपाई, खाद, सिंचाई, रखवाली और मजदूरों से तोड़ाई करने तक करीब 70 से 75 हजार रुपए की पूंजी लगाना पड़ता है। ऐसे में 200 रुपए प्रति कुंतल मंडी में बिक्री करने पर वाहन का भाड़ा देने के बाद कुछ बचत नहीं होने से टमाटर घाटे का सौदा साबित हो रहा है।

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क्या कहते हैं सब्जी मंडी के थोक विक्रेता
मंडी के थोक विक्रेता बबलू राइन कहते हैं कि मंडी में टमाटर की ज्यादा आवक होने के कारण टमाटर का दाम गिर गये हैं। उन्होंने बताया कि दो माह पहले मंडी में करीब 500 कुंतल टमाटर आता था, लेकिन अब हर रोज तीन गुना टमाटर मंडी पहुंच रहा है, ऐसे में टमाटर के भाव गिरना स्वाभाविक है।

जिला उद्यान अधिकारी बोले
इस संबंध में जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि मौसम की अनुकूलता और फरवरी माह में तेज गर्मी की वजह से टमाटर की पैदावार कई गुना बढ़ गई। इससे टमाटर का दाम गिर गया है जो किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है।

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By- राम सुमिरन मिश्र