
team reached in girl student house
सूरजपुर. सूरजपुर विकासखंड के ग्राम कुंजनगर में एक 19 वर्षीय बालक एवं महगवां की 10वीं में अध्ययनरत 15 वर्षीय बालिका का बाल विवाह (Child marriage) संयुक्त टीम द्वारा रोका गया। परियोजना अधिकारी को लिखित सूचना प्राप्त हुई कि एक युवक की बारात कुंजनगर थाना जयनगर निकल कर सरगुजा जाने वाली है।
यह विवाह बिना प्रशासन के अनुमति के की जा रही है। संयुक्त टीम जब कुंजनगर पहुंची तो बारात जा चुकी थी। इसकी सूचना अम्बिकापुर पुलिस को दी गई। जहां से बारात को वापस भेज दिया गया। कुंजनगर में संयुक्त टीम द्वारा जांच करने पर पता चला कि युवक की उम्र मात्र 19 वर्ष है, जिसकी समझाइश घर वालों को दी गई।
दूसरे बाल विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्प लाइन नम्बर 1098 में दी गई कि बालिका का विवाह उसकी मर्जी के खिलाफ तय किया गया है। संयुक्त टीम जब बालिका के घर पहुंची तो पता चला कि उसके पिता के दादा के जिद पर यह बाल विवाह कराया जाने वाला है। बालिका अभी 10वीं की परीक्षा दी है।
बालिका आगे की पढ़ाई करना चाहती है। घर वालों को समझाइश के साथ चेतावनी दी गई कि इतनी छोटी बालिका का विवाह जुर्म है और ऐसा करने पर दो वर्ष की सजा एवं 1 लाख जुर्माना की सजा हो सकती है।
घर वालों को समझाइश देने पर सभी बालिका को पढ़ाने और 18 वर्ष पूर्ण होने पर विवाह करने को राजी हुए जहां पंचनामा एवं अन्य दस्तावेज तैयार किया गया।
टीम में ये थे शामिल
बाल विवाह रोकवाने में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल, परियोजना अधिकारी हेमन्ती प्रजापति, संरक्षण अधिकारी प्रियंका सिंह, पर्यवेक्षक उमा साहू, शशि शर्मा जिला बाल संरक्षण इकाई से अंजनी साहू, हर गोविन्द चक्रधारी, चाइल्ड लाइन से कार्तिक मजूमदार, सोनू साहू, शोभनाथ राजवाड़े, गोविन्दा, शीतल, राघवेन्द्र शर्मा व सुन्दर साहू उपस्थित थे।
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Published on:
22 May 2020 01:22 pm
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