8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Coal transporting: कोल परिवहन ठप कर ग्रामीणों ने 5 घंटे किया प्रदर्शन, बोले- रिहायशी इलाके से नहीं गुजरने देंगे वाहन

Coal transporting: महान-3 खदान से करंजी रेलवे साइडिंग तक हर दिन काफी संख्या में कोयला लोड वाहनों का होता है परिवहन, इसी मार्ग पर स्कूली बच्चे समेत ट्रेन यात्रियों का होता है आना-जाना
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सुरजपुर

•

image

Ram Prawesh Vishwakarma

•

Updated: 20 Jul 2024, 8:21 PM IST

Coal transporting

बिश्रामपुर. Coal transporting: झूमरपारा गांव के रिहायशी इलाके के मार्ग पर महान-3 खदान से करंजी साइडिंग तक होने वाले कोल परिवहन (Coal transporting) कार्य को शनिवार को ग्रामीणों द्वारा करीब 5 घंटे तक ठप कर प्रदर्शन किया गया। नायब तहसीलदार सूरजपुर व करंजी चौकी प्रभारी के आश्वासन उपरांत ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त किया। इसके बाद कोल परिवहन प्रारंभ हुआ।


शनिवार की सुबह 8 बजे झूमरपारा के लोगों ने महान-3 खदान (Mahan-3 Coal mines) से करंजी रेलवे साइडिंग तक होने वाले कोल परिवहन को ठप कर दिया। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने बताया कि गांव के रिहायशी इलाके के मार्ग से कोल परिवहन होने से स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। झूमरपारा के बच्चे स्कूल के लिए सूबह 7 बजे एवं 11 बजे स्कूल जाते हैं।

इस दौरान काफी तेज रफ्तार से कोयला लोड वाहन गुजरते हैं, इससे दुर्घटना (Road accident) की संभावना बनी रहती है। साथ ही झूमरपारा से करंजी रेलवे स्टेशन तक 8 से 10 गांव के लोगों का ट्रेन टाइम पर आना-जाना होता है। ट्रक चालकों द्वारा वाहनों को कहीं भी खड़ा कर दिया जाता है, इससे राहगीरों को काफी दिक्कत होती है।

हनुमान मंदिर नवापारा से करंजी रेल्वे स्टेशन साईडिंग तक सिंगल रोड है। रोड पर बने तीनों पुल जर्जर हो चुके हैं जो कभी भी टूट सकते हैं। ऐसी स्थिति में भारी वाहनों से कोल परिवहन होने के कारण यहां पर हमेशा किसी अप्रिय घटना घटित होने की आशंका बनी रहती है।

यह भी पढ़ें: CG road accident: नेशनल हाइवे पर दो बाइक में जबरदस्त भिड़ंत, 1 युवक की मौत, दूसरे की हालत नाजुक

अधिकारियों की समझाइश के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन

ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार मो. इसराइल व करंजी चौकी प्रभारी अरुण गुप्ता ने समझाइश दी। इस पर दोपहर 1 बजे ग्रामीणों का प्रदर्शन समाप्त हुआ, तब जाकर कोल परिवहन फिर शुरू हो सका।

जर्जर हो गई है सडक़

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उक्त मार्ग पर कोल परिवहन कार्य में लगे वाहनों की चपेट में आने से कई लोगों की जान भी जा चुकी है। हनुमान मंदिर से करंजी साइडिंग तक पूरा मार्ग काफी जर्जर हो गया है, बरसात में रोड की स्थिति और भी खराब हो गई है।