
Debate with police
जरही. पत्रिका की खबर के बाद सरगुजा संभाग में ब्लैक फिल्म वाले वाहनों के खिलाफ पुलिस द्वारा सोमवार से अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई के दौरान कई लोग मंत्री व विधायक का धौस दिखाकर पुलिस ने विवाद कर रहे हैं।
ऐसे ही एक मामले में जरही पेट्रोल पंप के पास कार्रवाई के दौरान वाड्रफनगर के एक युवक ने टीआई से हुज्जतबाजी की। वह अपने आप को भाजपा का कार्यकर्ता बता रहा था। बाद में पुलिस ने उसके कार की ब्लैक फिल्म भी उतरवाई और 2 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।
गौरतलब है कि पत्रिका ने अपने 16 जुलाई के अंक में 'सड़क पर धड़ल्ले से दौड़ रहे काले शीशे लगे कार, पुलिस मौन' नामक शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया है। खबर प्रकाशन के बाद पुलिस के आला अधिकारियों के निर्देश पर सूरजपुर जिले के जरही स्थित पेट्रोल पंप के पास टीआई प्रद्यूम्न तिवारी द्वारा अपने पुलिसकर्मियों के साथ ब्लैक फिल्म लगे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी।
इसी दौरान वाड्रफनगर निवासी रामजी गुप्ता पिता जुगुल किशोर अपनी स्वीफ्ट कार क्रमांक सीजी 15 डीजी-7067 लेकर वहां से गुजर रहा था। पुलिसकर्मियों ने उसकी कार रुकवाई। कार में के शीशे में ब्लैक फिल्म लगी थी। इस पर पुलिस ने उसे उतारने कहा तथा 2 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
कार मालिक जुर्माने की पर्ची कटा ही रहा था कि कार में बैठा युवक आरबी कुशवाहा टीआई के पास पहुंच गया। इसके बाद वह खुद को भाजपा का कार्यकर्ता बताते हुए कार्रवाई पर आपत्ति जताने लगा। टीआई ने कहा कि कार्रवाई तो होगी ही। इस पर भाजपा के अन्य नेताओं को कॉल किया। इस दौरान टीआई से उसकी काफी बहसबाजी होती रही।
काफी देर तक हुज्जतबाजी के बाद टीआई ने जब आला अधिकारियों को सूचना देकर अपना रौब दिखाया तो भाजपा कार्यकर्ता के तेवर ढीले पड़ गए। इसके बाद 2 हजार रुपए का चालान काटा गया।
अवैध काम को दिया जाता है अंजाम
कार सहित अन्य वाहनों में काले शीशे लगाकर कई बार अवैध काम को अंजाम दिया जाता है। ऐसे में यदि पुलिस की उक्त वाहन पर नजर पड़ती भी है तो भीतर कुछ न दिखाई देने के कारण अपराधी तत्व बच निकलते हैं। ब्लैक फिल्म लगे वाहनों से अब तक कई ऐसे काम को अंजाम दिया जा चुका है, जो काफी गंभीर प्रवृत्ति के हैं।
भाजपा का मीडिया प्रभारी है युवक
टीआई से बहसबाजी करने वाला युवक भाजपा वाड्रफनगर का मीडिया प्रभारी है। गौरतलब है कि जब पुलिस एमव्ही एक्ट के तहत कार्रवाई करती है तो कई ऐसे नेताओं के फोन उनके पास आते हैं, जिसमें कहा जाता है कि उक्त व्यक्ति उनका कार्यकर्ता है या आदमी है। फिर पुलिस चाहते हुए भी उस पर कार्रवाई नहीं कर पाती।
Published on:
16 Jul 2018 03:49 pm
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