
Divyang Sukhmen
पोड़ी मोड़/ प्रतापपुर. बीईओ प्रतापपुर के सार्थक पहल से ग्राम करसी बांधपारा निवासी शिवनाथ पैकरा के 13 वर्षीय नेत्रहीन पुत्री को अपना भविष्य संवारने के लिए नई राह मिल गई। खंड शिक्षा अधिकारी ने बीआरपी के माध्यम से नेत्रहीन बालिका सुखमेन का नेत्रहीन विद्यालय कुनकुरी में दाखिला करा दिया। अब कुमारी सुखमेन को ब्रेललिपि के माध्यम से समुचित शिक्षा प्राप्त होगी, जिससे वह बहुत खुश है।
सूरजपुर जिले के जनपद पंचायत प्रतापपुर के ग्रामीण कृषक बांधपारा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के शिक्षक विनय तिवारी द्वारा विद्यालय में एक नेत्रहीन बालिका के आम बच्चों के साथ अध्ययन करने की सूचना मिली थी। कृषक अपने बच्चे के भविष्य को लेकर शासन-प्रशासन से समुचित सहयोग की अपेक्षा के साथ पत्रिका समाचार पत्र में खबर का प्रकाशन किया गया था।
इसके बाद मामले को संज्ञान में लेते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रतापपुर जनार्दन सिंह ने उक्त बालिका के पिता से चर्चा कर नेत्रहीन विद्यालय में शिक्षा के लिए भेजने प्रेरित कर सहमति प्राप्त की।
बाल कल्याण सेवा समिति सूरजपुर से समय पर समुचित सहयोग नहीं मिलने के बाद मानव जीवन ज्योति नेत्रहीन प्राथमिक शाला कुनकुरी जनपद पंचायत बतौली से विकास खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा संपर्क किया गया। इसके बाद प्रतापपुर ब्लॉक में पदस्थ बीआरपी किशोर कुमार मुखर्जी के साथ नेत्रहीन बालिका कुमारी सुखमेन एवं उसके पिता शिवनाथ पैकरा को सर्व शिक्षा अभियान द्वारा संचालित आवासीय नेत्रहीन विद्यालय कुनकुरी भेजा गया।
इस विद्यालय में नेत्रहीन बच्चों को ब्रेल लिपि के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाती है। इस विद्यालय में प्रवेश लेने के उपरांत सभी ओर से अपने बच्चे के भविष्य को लेकर चिंतित रहने वाले शिवराम पैकरा को अपने एक नेत्रहीन बच्ची को अच्छी शिक्षा मिलने की नई राह मिल गई है।
Published on:
26 Jul 2018 05:12 pm
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