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पत्नी व बच्चों के साथ भूख हड़ताल पर बैठ गया 8 साल पहले बर्खास्त कर्मचारी, मच गया हड़कंप, फिर…

एसईसीएल प्रबंधन द्वारा लंबे समय तक गैरहाजिर रहने पर कर दिया गया था बर्खास्त, सूचना मिलते ही पहुंचे अधिकारी

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Hunger strike

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बिश्रामपुर. ड्यूटी में अनुपस्थित रहने के आरोप में 8 वर्ष पूर्व बर्खास्त कॉलरी कर्मी गणेश राम सूर्यवंशी एसईसीएल प्रबंधन पर मानसिक, शारीरिक व आर्थिक प्रताडऩा का आरोप लगाने व उसके मामले का निराकरण नहीं किए जाने को लेकर शनिवार को महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष परिवार सहित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गया।

प्रबंधन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उसे काफी मशक्कत के बाद मांगों को लेकर समझाइश दी, तब करीब 6 घंटे बाद उसने व परिजन ने भूख हड़ताल तोड़ा।


जानकारी के अनुसार एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र के बलरामपुर लांगवाल में कार्यरत कैटेगरी एक मजदूर गणेशराम सूर्यवंशी पिता आनंदराम सूर्यवंशी को प्रबंधन ने लम्बे समय तक ड्यूटी में गैर हाजिर रहने के आरोप में आज से 8वर्ष पूर्व 25 फरवरी 2010 को उसे कम्पनी के सेवा से हटाने का आदेश जारी कर दिया गया था।

बर्खास्तगी आदेश के 4 वर्ष गुजर जाने के बाद बर्खास्त कर्मी ने अपने मानदेय एवं पीएफ के लिए हाईकोर्ट बिलासपुर में याचिका दायर की। याचिका की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने एसईसीएल प्रबंधन को कर्मचारी के सारे मानदेय भुगतान करने का आदेश जारी किया। इसके बाद प्रबंधन ने गणेश सूर्यवंशी को ग्रेच्यूटी सहित पीएफ फंड का सारा भुगतान कर दिया।

वहीं फंड प्राप्ति के कुछ वर्ष गुजर जाने के बाद बीते शुक्रवार को बर्खास्त कर्मी गणेश राम सूर्यवंशी ने प्रबंधन पर मानसिक, शारीरिक व आर्थिक प्रताडऩा का आरोप लगाने के साथ ही उसके मामले का निराकरण नहीं किए जाने की बात कहते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी दी थी। शनिवार को वह पत्नी व चार बच्चों के साथ महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गया।


मनाने पहुंचे अधिकारी
इसकी जानकारी मिलने पर एरिया पर्सनल मैनेजर आरएस राव, सीनियर पर्सनल मैनेजर आरके शर्मा, पर्सनल ऑफिसर आरके तिवारी व पर्सनल मैनेजर धु्रव मौके पर पहुंचे और उसे समझाइश दी।

इस पर बर्खास्त कर्मचारी ने फिर नौकरी की मांग की, अधिकारियों ने उसे बताया कि अगर पुन: बहाली चाहिए तो एसईसी ल मुख्यालय डायरेक्टर पर्सनल को पत्र लिखना होगा, हमारे हाथ में कुछ भी नहीं है, हम पत्र लिखने में आपकी मदद जरूर कर सकते हैं। इस प्रकार काफी मान-मनौव्वल के बाद पूरे परिवार ने भूख हड़ताल समाप्त किया।