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मादा भालू की ममता के आगे झुका वन अमला, पिंजरे में कैद शावक को करना पड़ा रिहा

Mother bear love: पिंजरे में शावक को बंद देख उसके सामने ही डेरा डालकर बैठ गई थी मादा भालू, एक ग्रामीण के घर में घुस आए थे 3 भालू, सूचना पर वन विभाग की टीम ने तीनों को पकडऩे मंगवाया था पिंजरा लेकिन शावक के अलावा २ अन्य भालू नहीं पकड़ में आए थे

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Bear cub in cage

Mother bear love

सूरजपुर. Mother bear love: एक ग्रामीण के घर में 3 भालू घुस आए थे। सूचना मिलते ही वन अमला सक्रिय हुआ और भालुओं को पकडऩे की योजना बनाई। योजना के अनुसार ग्रामीण के घर में पिंजरा शिफ्ट किया गया। इस दौरान भालू का शावक उसमें फंस गया। इधर शावक को पिंजरे में कैद (Cub in cage) देख मादा भालू पिंजरे के सामने बैठ गई। इधर वन विभाग यह इंतजार करते रहे कि उसे भी ट्रैक्यूलाइज कर पकड़ा जाए। मादा भालू को बेहोश करने टीम भी पहुंच गई थी लेकिन ऊपर से निर्देश नहीं मिलने के कारण उसे ट्रैक्यूलाइज नहीं किया जा सका। अंतत: वन विभाग को मादा भालू की ममता के आगे झुकना पड़ा और शावक को छोडऩा पड़ा।


सूरजपुर जिले में एक घर में घुसे भालू के शावक को वन विभाग ने पिंजरे में कैद तो कर लिया लेकिन मादा भालू की ममता के आगे अंतत: विभाग को झुकना पड़ा और उसके जिस शावक पिंजरे में कैद किया गया था उसे छोड़ दिया गया। तब मादा भालू पिंजरे के पास से अपने बच्चे को लेकर हटी। शुक्रवार की सुबह ग्राम पर्री के रामजतन कुशवाहा के घर मे तड़के ३ भालू घुस आए थे। इसकी सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पिंजरा लगा कर भालुओं को कैद करने की कवायद की। इसमें भालू शावक फंस गया।

IMAGE CREDIT: Patrika

इसके बाद मादा भालू (Female bear) ने पिंजरे के सामने डेरा डाल दिया और वह पूरे दिन वहीं बैठी रही। पूरे दिन वन विभाग के अफसर सहित पुलिस कर्मी मौके पर तैनात रहे । वन अमला आला अफसरों से मार्गदर्शन ले रहा था कि जिससे भालू को बेहोश कर काबू में किया जा सके। इसके लिए टीम भी पहुंच गई थी पर निर्देश का इंतजार किया जाने लगा।

देर शाम तक निर्देश नहीं आया, जिससे शावक को कैद से रिहा करना पड़ा तब कहीं जाकर मादा भालू अपने बच्चे को लेकर वहां से चली गई। इससे फिलहाल तो राहत मिल गई है पर भालुओं के रिहायशी बस्ती के करीब होने से लोग काफी दहशत में है।

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शहरी क्षेत्र से दूर रेस्क्यू का प्रयास
इधर डीएफओ बीएस भगत ने बताया कि शहरी क्षेत्र से दूर करने रेस्क्यू करने का प्रयास किया गया पर सफलता नही मिली। चूंकि शावक अभी काफी छोटा है इसलिए अकेले छोडऩा मुनासिब नही है, इसलिए कैद से मुक्त करना पड़ा। फिलहाल भालू डुमरिया में एक गन्ने के बाड़ी में हंै।