
रियल जरी पर पांच और अन्य पर 12 प्रतिशत जीएसटी
सूरत
जीएसटी काउंसिल ने सूरत के जरी उद्यमियों की मांग मान ली है। जीएसटी काउंसिल ने इस बारे में शुक्रवार को परिपत्र जारी किया।
जरी उद्योग के सूत्रों के अनुसार जीएसटी लागू होने के बाद से रियल जरी, इमीटेशन जरी सहित अन्य जरी पर कितना जीएसटी लगेगा, इसे लेकर असमंजस बना था। शुक्रवार को जारी परिपत्र के अनुसार रियल जरी पर पांच प्रतिशत तथा इमीटेशन जरी कसब की तमाम आइटम गोटा,चापा, छप्पा, कांजी, जिराय, साड़ी, सलमों को पुन: चैप्टर 56050020 में शामिल कर लिया गया है, उस पर 12 प्रतिशत जीएसटी लागू होगा।
जरी उद्यमी शांतिलाल जरीवाला ने बताया कि इसके पहले जीएसटी के परिपत्र का सभी राज्यों में अलग-अलग मतलब निकाला जा रहा था। दिल्ली तथा पंजाब में इमीटेशन जरी कसब के आइटम पर पांच प्रतिशत जीएसटी लिया जा रहा था, जबकि सूरत के व्यापारी 12 प्रतिशत जीएसटी के साथ बिल बना रहे थे। इस कारण यहां की जरी की कीमत ज्यादा होने से व्यापार घट गया था। इसे लेकर वित्तमंत्री से जरी उद्यमियों ने शिकायत की थी। इसे ध्यान में रख शुक्रवार को परिपत्र में स्पष्टता की गई है। अब परिपत्र जारी होने से उद्यमियों का असमंजस दूर होगा और व्यापार से प्रतिस्पर्धा घटेगी।
उल्लेखनीय है कि जरी उद्योग बदलते फैशन के कारण मंदी में फंसा है। ऐसे में जीएसटी के नियमों के कारण छोटे जरी उद्यमी व्यापार बदल रहे हैं। कई उद्यमियों ने तो कारखाने तक बंद कर दिए हैं।
दो शहरों के लिए एक ही टिकट
एयर इंडिगो ने पैसेंजर्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिन शहरों में उनकी सूरत से उनकी सीधी फ्लाइट नहीं हैं ऐसे शहरों में यदि पैसेजर वाया होकर जाना चाहते हो तो उनको एक ही टिकट सूरत से बनवाना होगा।
जैसे कि एयर इंडिगों की फ्लाइट किसी शहर के लिए नहीं है, लेकिन दिल्ली से है तो पैसेंजर दिल्ली तक जाने के बाद वहां से एयर इंडिगो की फ्लाइट से वहां जा सकता है। उसे दूसरा टिकट नहीं निकालना पड़ेगा। सूरत से ही वह अपने अंतिम स्टेशन का टिकट ले सकेंगे। इस तरह से वह सिंगल पीएनआर से यात्रा कर सकते हैं। वी वर्क फॉर वर्किंग एयपोर्ट सूरत के संजय जैन ने बताया कि एयर इंडिगो ने सिंगल पीएनआर की सेवा शुरू की है। इससे पैसेंजर को राहत होगी। उन्हें एयरपोर्ट पर उतर कर सामान लोड करने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।

Published on:
11 Aug 2018 09:37 pm
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