
वलसाड में धूमधाम से विराजे गौरीसुत
वलसाड. शहर में विघ्नहर्ता की स्थापना गुुरुवार सुबह करने के बाद से पंडालों और घरों में पूजा अर्चना का दौर शुरू हो गया है। पूरे शहर में हर तरफ गणपति बप्पा मोरिया की गूंज सुनाई देती रही। शहर में डेढ़ से लेकर 11 दिनों तक के गणपति की स्थापना की गई है। गणेश चतुर्थी के दिन सुबह सात बजे के मुहूर्त से गौरीसुत की स्थापना शुरू हो गई थी। सैकड़ों मंडल और हजारों घरों में विराजमान करने के बाद भगवान गणेश की पूजा आरती की गई। कई मंडलों ने विघ्नहर्ता के विविध रूप की मूर्तियां स्थापित की हैं। शहर मे एक फीट से लेकर 18 फीट तक गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की गई है।
गणपति बप्पा मोरिया की गूंज
कई मंडलों में वर्तमान हालात की जानकारी देने वाली गणपति मूर्तियां लोगों के लिए आकर्षण बनी हुई हैं। कहीं गणपति में मोदी का रूप तो कई जगह साइकिल पर आते गणपति की मूर्ति स्थापित कर तेल की बढ़ती कीमतों की ओर ध्यान दिलाती है। वहीं, आत्महत्या से किसानों को बचाने का संदेश देने वाली मूर्तियां भी स्थापित हैं, जिन्हें देखने लोग निकल रहे हैं।
वृद्धाश्रम में स्थापना
वलसाड के अटार स्थित वृद्धाश्रम में कई साल से सेवाभावी लोगों द्वारा गणपति स्थापना हो रही है। इस बार भी वृद्धों ने मिलकर गणपति की स्थापना की है। जहां वृद्धाश्रम के लोग की पूजा अर्चना करते हैं और बाद में धूमधाम से विसर्जन करते हैं।
डीजे संचालकों के साथ पुलिस की बैठक
गणपति महोत्सव के अंतर्गत वलसाड सिटी थाने में पुलिस ने डीजे संचालकों के साथ बैठक कर जरूरी निर्देश दिया। गुरुवार से गणपति महोत्सव प्रारंभ हो गया है। इस दौरान बप्पा की विसर्जन यात्रा भी निकलेगी। इसे देखते हुए सिटी पीआई कामलिया ने शहर के डीजे वालों के साथ बैठक कर सदस्यों को पहचान पत्र देने और साइलेन्ट जोन में डीजे बंद रखने की ताकीद की। साथ ही 40 एमप्ली की आवाज से ही डीजे बचाने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि इस बार पुलिस ध्वनि मापने वाले यंत्र के साथ घूमेगी और नियम से ज्यादा आवाज होने पर डीजे जब्त किए जाएंगे। डीजे वालों ने पुलिस से कहा कि उन्हें बुलाने वाले ज्यादा आवाज में बजाने की मांग करते हैं और ऐसा न करने पर कई लोग मारपीट पर भी उतारू हो जाते हैं। पीआई ने इस तरह के हालात उत्पन्न होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करने की सलाह दी।
विसर्जन की तैयारियां भी शुरू
शहर में गणपति विसर्जन के लिए औरंगा नदी तट पर नपा ने गुरुवार से ही काम शुरू कर दिया है। इस बार नपा ने नदी किनारे से सीधे अंदर तक के लिए प्लेटफार्म बनाने की तैयारी की है। इससे छोटी मूर्तियां विसर्जन घाट और बड़ी मूर्तियां को क्रेन से आसानी से विसर्जित किया जा सके। इससे किनारे पर भीड़ भी कम होगी।
Published on:
13 Sept 2018 10:44 pm
बड़ी खबरें
View Allसूरत
गुजरात
ट्रेंडिंग
