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हत्या के दो अलग-अलग मामलों में दोषियों को उम्रकैद

अठवा और उनगांव में हुई थी वारदातें

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हत्या के दो अलग-अलग मामलों में दोषियों को उम्रकैद

सूरत. अठवा और उनगांव क्षेत्र में हुई हत्या की दो अलग-अलग वारदातों में सोमवार को सेशन कोर्ट ने आरोपितों को उम्रकैद की सजा सुना दी।


अठवा रेल राहत कॉलोनी निवासी अभियुक्त जिगर किरीट गायकवाड़ और उसके भाई विशाल गायकवाड़ पर हत्या का आरोप था। आरोप के मुताबिक उन्हीं के पड़ोस में रहनेवाले राजेश कटारकर नाम के युवक ने दोनों भाइयों के खिलाफ अठवा थाने में मारपीट की शिकायत दर्ज करवाई थी और इस मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही थी। उधर, पुलिस की ओर से दोनों भाइयों को तड़ीपार किया गया था। इस दौरान मारपीट के मामलों को लेकर 3 जून, 2015 को कोर्ट में मुद्दत थी और राजेश के बयान दर्ज किए जाने थे। इसलिए राजेश सुबह घर से कोर्ट जाने के लिए निकल रहा था, तभी तड़ीपार होने के बावजूद जिगर और विशाल ने सूरत में प्रवेश कर राजेश को उसीके घर के पास रोक लिया और उस पर तलवार से वार कर उसकी हत्या कर फरार हो गए थे। राजेश की मां की शिकायत पर अठवा पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया था। चार्जशीट पेश होने के बाद से मामले की सुनवाई सेशन कोर्ट में चल रही थी। इस दौरान अभियुक्त विशाल पैरोल जम्प कर फरार हो गया और सुनवाई सिर्फ जिगर के खिलाफ जारी रही। सोमवार को अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने अभियुक्त जिगर गायवकवाड़ को हत्यारोप में दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

दूसरे मामले में उनगांव जलारामनगर सोसायटी निवासी अभियुक्त कलीम सलीम शेख और उसके पिता मोहम्मद सलीम शाहबुद्दीन शेख पर हत्या का आरोप था। आरोप के मुताबिक जोर-जोर से बातचीत करने को लेकर उनका पड़ोसी मोहम्मद अहदम और उसके भाई गुलामे मुस्तुफा के साथ विवाद हो गया था। इसी विवाद को लेकर 7 दिसम्बर, 2014 को दोनों परिवार समझौते के लिए इकठ्ठे हुए, लेकिन मामला बिगड़ गया और मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान पिता-पुत्र ने मिलकर मोहम्मद अहमद के पिता मोहम्मद सलीम पठान पर चाकू से वार कर हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया था। चार्जशीट पेश होने के बाद से मामले की सुनवाई सेशन कोर्ट में चल रही थी। सोमवार को अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने अभियुक्त कलीम शेख को हत्यारोप में दोषी मानते हुए उम्रकैद और पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि अभियुक्त मोहम्मद सलीम शेख को संदेह का लाभ देते हुए आरोपों से बरि कर दिया।