
पहले मिली सफलता पर बाद में खुल गई पोल
बारडोली. कामरेज तहसील में राशन की दुकान मालिकों को फूड विभाग के फर्जी अधिकारी बन जबरन धमकाकर रुपए वसूली के मामले में तीन जनों को पकड़ा है। इनमें शामिल एक जना भागने में सफल रहा।
जानकारी के अनुसार सूरत के अडाजण की हरिद्वार सोसाइटी निवासी नीलेश जयंतीलाल बंगाली कामरेज मे सरकारी राशन की दुकान चलाता है। उसकी दुकान के पास ही अरविंद चिमन पानवाले की भी राशन की दुकान है और इसका कम्प्यूटर नीलेश की दुकान में ही रहता है। मंगलवार को नीलेश अपनी दुकान पर बैठा था तभी गवर्नमेंट ऑफ इंडिया की प्लेट वाली एक कार दुकान के सामने आकर रुकी। कार में से एक महिला और तीन पुरुषों ने उतरकर दुकान में बैठे नीलेश के पास पहुंचे और फूड विभाग, दिल्ली से आए होने की पहचान देकर दुकान में जांच शुरू कर दी। यही जांच कार्रवाई पास में अरविंद की दुकान में इन लोगों ने शुरू की और दुकान में अवैध रूप से माल-सामान रखने की बात कह लाइसेंस रद्द करने की धमकी देने लगे। फर्जी अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं करने की एवज में नीलेश व अरविंद दोनों से एक लाख रुपए मांगे और बाद में दोनों से 30 हजार रुपए लेकर चले गए। कामरेज में ही इन लोगों ने कालुभाई दलचंद शाह की दुकान पर भी जांच के बहाने तीन हजार रुपए वसूले। इसके बाद यह डुंगरा गांव गए और वहां पर अम्बाबेन राठौड़ की दुकान पहुंचे। यहां भी यह लोग दुकानदार को जांच के बहाने धमकाने लगे तभी दुकान के बाहर ग्रामीण एकत्र हो गए। ग्रामीणों के विरोध से चारों की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई और इस बीच एक जना वहां से भाग निकला। बाद में पुलिस को बुलाकर तीनों को सौंपा गया। फर्जी अधिकारी बन धमका रहे लोगों में अहमदाबाद में आसरवा निवासी मधुबाला सूरजभानसिंह, घोडसर की कामेश्वर सोसाइटी निवासी रणछोड धीरज पार्कर और थलतेज की रघुकुल सोसाइटी निवासी राजेश कांतिलाल सैनी शामिल है। वहीं, भागने में सफल रहे व्यक्ति का नाम सत्येंद्रसिंह बताया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।
Published on:
28 Nov 2018 08:03 pm
