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24 साल बाद अपनों से मिला राजनारायण

न्यू सिविल अस्पताल में दो महीने पैर के इलाज के बाद स्वस्थ हुए राजनारायण को मानव सेवा चेरिटेबल ट्रस्ट ने बिहार में कार्य करने वाली...
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Rajnarayan got 24 years later

Rajnarayan got 24 years later

सूरत।न्यू सिविल अस्पताल में दो महीने पैर के इलाज के बाद स्वस्थ हुए राजनारायण को मानव सेवा चेरिटेबल ट्रस्ट ने बिहार में कार्य करने वाली सामाजिक संस्थाओं की मदद से उसके परिवार से मिलवाया। वह 24 साल पहले घर में झगड़े के बाद परिवार को छोड़ कर सूरत आ गया था। उसके दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं।

बिहार के आरा जिले का निवासी राजनारायण 24 साल पहले घर छोडक़र सूरत आ गया था। उसने कड़ोदरा क्षेत्र में रहते हुए डाइंग मिल में सुपरवाइजर की नौकरी शुरू कर दी। इस दौरान उसने परिवार के लोगों से कोई सम्पर्क नहीं किया। पैर में घाव होने पर वह न्यू सिविल अस्पताल आया। उसे जे-2 वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। घाव इतना गहरा हो गया था कि चिकित्सकों को उसका पैर काटने का निर्णय करना पड़ा। राजनारायण के साथ कोई परिजन नहीं था, इसलिए वार्ड के स्टाफ ने मानव सेवा चेरिटेबल ट्रस्ट के सदस्य राजेन्द्र गौतम से सम्पर्क किया।


राजेन्द्र ने बीमारी के दौरान राजनारायण की सेवा की। राजनारायण स्वस्थ हुआ तो राजेन्द्र ने उसके परिवार के बारे में जानकारी जुटाई। बिहार निवासी होने का पता चलने पर राजेन्द्र ने सूरत में रहने वाले तथा बिहार में सामाजिक कार्य से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई। उनकी मदद से वह उसके परिवार तक पहुंचे। परिवार के लोगों को २४ साल बाद जब पता चला कि राजनारायण जिंदा है तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। राजेन्द्र ने बताया कि राजनारायण के चार बच्चे हैं, जिनमें बड़ा पुत्र बेंगलुरू में रहता है। वह पिता से मिलने सूरत आ रहा है। राजनारायण के घर छोड़ देने के बाद उसकी पत्नी और चार बच्चों की जिम्मेदारी उसके छोटे भाई ने उठाई। बाद में समाज के लोगों ने छोटे भाई से उसकी पत्नी की शादी करवा दी थी।

नव दुर्गा मंडल की मदद से बना काम

पांडेसरा संतानगर निवासी रेखा रविन्द्र सिंह ठाकुर पांच साल से नव दुर्गा महिला मंडल का संचालन कर रही हैं। मानव सेवा संघ के राजेन्द्र ने राजनारायण को घर पहुंचाने के लिए रेखा से मदद मांगी। रेखा ने महिला मंडल के सदस्यों से सम्पर्क किया और बिहार तथा उत्तरप्रदेश में अलग-अलग सामाजिक संगठनों से बातचीत की। इसी बीच एक मीडियाकर्मी ने रेखा से सम्पर्क किया और राजनारायण के घर का पता चल गया। रेखा की नव दुर्गा महिला मंडल में 450 महिलाएं सामाजिक सरोकार से जुड़ी हुई हैं।