
अग्रसेन जयंती पर चक्षुदाता परिजनों का सम्मान
सूरत. अग्रवाल समाज ट्रस्ट की ओर से महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह बुधवार को मुख्य कार्यक्रम व शोभायात्रा के साथ संपन्न हो गया। समारोह के मुख्य सहसंयोजक पुरुषोतम अग्रवाल ने बताया कि मुख्य कार्यक्रम शाम साढ़े चार बजे उधना-मगदल्ला रोड पर वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के कन्वेंशन हॉल में आयोजित किया गया। इसमें अग्रवाल समाज के 26 नेत्रदाता परिवार के अलावा वयोवृद्ध दम्पती, मेधावी छात्र-छात्राओं का ट्रस्ट की ओर से सम्मान किया गया। मुख्य सहसंयोजक सीतेश बंसल ने बताया कि कार्यक्रम में अग्रवाल सखी मंडल के कलाकारों ने आदर्श समाज नाटिका की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संजय सरावगी एवं सुभाष अग्रवाल के अलावा कई गणमान्य व सभी संस्थाओं के पदाधिकारी समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे। इस मौके पर जयंती समारोह में सक्रिय सहयोगियों का भी ट्रस्ट की ओर से सम्मान किया गया। इससे पूर्व सुबह साढ़े सात बजे अग्रवाल समाज, परवत पाटिया की ओर से क्षेत्र में शोभायात्रा निकाली गई। नीलकंठ हाइट्स प्रांगण से आयोजित यात्रा में अग्र समाज के 18 गौत्र की झांकियों के अलावा अन्य कई झांकियां शामिल थी। वहीं, समाज के महिला-पुरुष यात्रा में बड़ी संख्या में शामिल हुए। यात्रा बाद में बाजे-गाजे के साथ विभिन्न मार्ग से होकर आईमाता रोड पर डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी हॉल पहुंची। यात्रा का मार्ग में पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। उधर, अग्रवाल विकास ट्रस्ट की ओर से महाराजा अग्रसेन जयंती के मौके पर सिटीलाइट के महाराजा अग्रसेन भवन में माल्यार्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
‘भए प्रकट कृपाला दीनदयाला...’
सूरत. श्रीआदर्श रामलीला ट्रस्ट की ओर से वेसू के रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला में बुधवार रात राम जन्म समेत अन्य लीला का मंचन वृंदावन के रासाचार्य त्रिलोकचंद शर्मा के सानिध्य में श्रीहित राधावल्लभ रास मंडली के कलाकारों ने किया। रामलीला के दूसरे दिन बुधवार को भगवान का जन्म गोस्वामी तुलसीदास महाराज रचित श्रीरामचरित मानस ग्रंथ की ‘भए प्रकट कृपाला दीनदयाला, कौशल्या हितकारी...’ चौपाई के साथ मनाा गया। मंडली के कलाकारों ने चारों भ्राता के जन्म की लीला के मंचन के अलावा रावण जन्म, चारों भ्राता की गुरुकुल शिक्षा, राजा दशरथ के दरबार में महर्षि विश्वामित्र के आगमन की लीला का मंचन किया गया। वहीं, गुरुवार रात रामलीला में महर्षि विश्वामित्र के साथ राम-लक्ष्मण वन गमन, ताडक़ा वध, अहिल्या उद्धार, पुष्पवाटिका आदि लीला का मंचन किया जाएगा।
Published on:
10 Oct 2018 08:57 pm
