
सूरत. जीएफआरआरसी की कोशिशें जिस तरह से सिरे चढ़ती दिख रही हैं, आने वाले समय में सूरत गारमेंट इंडस्ट्री का हब बन सकता है। फिलहाल चार करोड़ मीटर कपड़ा शहर में बनता है और इसके करीब 65 फीसदी की खपत गारमेंट इंडस्ट्री में होती है। शहर में गारमेंट इंडस्ट्री का बड़ा स्कोप है। जीएफआरआरसी के चेयरमैन गिरधरगोपाल मूंदड़ा ने बताया कि पिछले दिनों आयोजित टैक्सटाइल वीक में ऑनलाइन बिजनस और गारमेंट इंडस्ट्री पर ही फोकस रखा गया। भविष्य में इसके बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।