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surat news : सूरत में छिपा था दिल्ली की नमस्ते गैंग का सरगना

surat news : - दिल्ली पुलिस की स्पेशल सैल के साथ मिलकर क्राइम ब्रांच ने दबोचा - लूट की घटनाओं को अंजाम देने के बाद भाई के साथ मिल कर रहा था कपड़े का कारोबार

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surat news : सूरत में छिपा था दिल्ली की नमस्ते गैंग का सरगना

सूरत. दिल्ली में सरेराह लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले नमस्ते गैंग के सरगना क्राइम ब्रांच ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सैल की मदद से सोमवार रात कपड़ा बाजार से गिरफ्तार किया है। वह पिछले कुछ समय से सूरत में छिप कर रह रहा था और यहां अपने भाई के साथ कपड़े के कारोबार में लग गया था।
पुलिस के मुताबिक नई दिल्ली के मुस्तफाबाद क्षेत्र के मूल निवासी आरोपी जावेद उर्फ जेडी (३०) के खिलाफ दिल्ली के इन्द्रपुरी थाने में लूट का मामला दर्ज है। जिसके चलते वेस्ट दिल्ली पुलिस की स्पेशल सैल पुलिस उप निरीक्षक राजेन्द्रसिंह उसकी तलाश में सूरत आए थे। उन्होंने सूरत क्राइम ब्रांच के एम.एस.त्रिवेदी की मदद ली। क्राइम ब्रांच को मुखबिर से पता चला कि जावेद उर्फ जेडी शहर के वेड रोड क्षेत्र में स्थित राहत अपार्टमेंट में रह रहा है तथा अपने भाई के साथ रिंग रोड स्थित एटीएम मार्केट में कपड़े का कारोबार शुरू कर रखा है। पुलिस ने सोमवार उसकी दुकान पर दबिश दी और उसे धर दबोचा। थाने लाकर की गई कड़ी पूछताछ में उसने इन्द्रपुरी समेत दिल्ली में लूट की पांच घटनाओं को अंजाम देना कबूल किया। पुलिस को उससे पूछताछ में और भी कई घटनाओं के राज खुलने की उम्मीद है। मंगलवार को उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर स्पेशल सैल दिल्ली के लिए रवाना हो गई।


२१ मामलों में लिप्त, ५ में था वांछित
पुलिस ने बताया कि जावेद दिल्ली के कुख्यात नमस्ते गैंग का सरगना है। उसके खिलाफ दिल्ली के अलग अलग थानों में हत्या के प्रयास के दो, अवैध रूप से हथियार रखने के तीन, लूट के दस मामले में दर्ज हो चुके है। जिनमें उसकी गिरफ्तारी हो चुकी है। दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ मकोका के तहत भी कार्रवाई की है। जेल रिहा होने के बाद वह अपने साथियों के लूट की पांच और घटनाओं को अंजाम दे चुका है। जिनमें वह पिछले कुछ समय से वांछित था।


ऐसे करते थे लूट
पुलिस ने बताया कि जावेद और उसके गिरोह के पांच साथी तीन स्कूटरों या मोपेड़ पर सवार होकर कार चालकों को निशाना बनाते थे। वे कार चालक के करीब जाकर उससे नमस्ते अंकल कहते थे। चालक शीशा खोल कर उन्हें पहचानने का प्रयास करता तो वे पुलिस अधिकारी या डॉक्टर के रूप में अपनी फर्जी पहचान देकर उलझाते थे। फिर कार साइड में कर रुकवाते। कार में बैठ कर चालक पर पिस्तौल या तमंचा तान देते और कीमती सामान व कार की चाबी लेकर फरार हो जाते थे।