
textile news- मंदी से ज्यादा झूठे आश्वासन से त्रस्त हैं कपड़ा उद्यमी
सूरत
सूरत दौरे पर आए जीएसटी कमिश्नर के साथ चैम्बर ऑफ कॉमर्स में मीटिंग के दौरान सूरत के कपड़ा उद्यमियों ने टफ सब्सिडी जल्दी ने और छोटे कपड़ा उद्यमियों को प्रोत्साहक नीति बनाने की मांग की।
नानपुरा स्थित समृद्धि बिल्डींग में सबेरे 11 बजे आयोजित मीटिंग के दौरान टैक्सटाइल कमिश्नर मलय चक्रवर्ती के समक्ष चर्चा के दौरान कपड़ा उद्यमी गिरीश लुथरा ने कहा कि जापान में छोटे-छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहन देकर व्यापार को आगे बढ़ाया जा रहा है इसी तरह से भारत को भी ग्लोबल मार्केट में टिक सके ऐसी क्षमता है। टैक्निकल टैक्सटाइल क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं। फिआस्वी के चेयरमैन ने कहा कि टैक्सटाइल इन्डस्ट्री के कई मामले पेन्डिंग होने से समस्या बढ़ गई है। टफ योजना की सब्सिडी जल्दी मिलनी चाहिए।कपड़ा उद्यमी गिरधर गोपाल मूंदडा ने कहा कि भारत में वियतनाम, बांग्लादेश. कम्बोडिया और श्रीलंका से गारमेन्ट इम्पोर्ट हो रहा है।
भारत को आशियान देशों के स्थान पर युरोप और यु.एस देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेन्ट करना चाहिए। फोगवा के प्रमुख अशोक जीरावाला ने कहा कि टफ योजना की सब्सिडी कम और विलंब से मिल रही है।
पहले 30 प्रतिशत सब्सिडी मिलती थी, जो कि अब 19 प्रतिशत हो गई है। एसआरटीईपीसी के पूर्व चेयरमैन नारायण अग्रवाल ने बताया कि इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के कारण उद्यमी परेशान हैं। कैपिटल मशीनों पर 18 प्रतिशत ड्यूटी के कारण उद्यमियों में निराशा है।
कपड़ा उद्यमी मयूर गोलवाला ने कहा कि टैक्सटाइल कमिश्नर की ऑफिस सूरत में होनी चाहिए और आठ लूम्स से अधिक मशीन वाले यूनिटों को भी सोलार पावर अपग्रेडेशन का लाभ मिलना चाहिए। टैक्सटाइल कमिश्नर ने सबकी बातें सुनी और विचार करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर चैम्बर के उप प्रमुख दिनेश नावडिय़ा, कपड़ा उद्यमी देवेश पटेल सहित अन्य उद्यमी उपस्थित रहे।
Published on:
09 Nov 2019 09:06 pm
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