
18 साल से इस बहन की यही कामना, भाई स्वस्थ हो जाए
सूरत. रक्षाबंधन पर रविवार को जब बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर अपनी रक्षा का वचन लिया, एक बहन ऐसी भी है, जिसने अपने संवेदन शून्य भाई की कलाई पर फिर इस उम्मीद के साथ राखी बांधी कि शायद भगवान उसे स्वस्थ कर दे। कतारगाम क्षेत्र निवासी उत्सव 18 साल से बिस्तर पर है। वह करीब 20 साल का है। करीब दो साल की उम्र में बुखार आने के बाद वह ऐसा बीमार हुआ कि अभी तक स्वस्थ नहीं हुआ। वह परिवार के किसी सदस्य को नहीं पहचानता। उसमें किसी तरह की संवेदना नहीं है। परिवार इस उम्मीद से उसकी सेवा कर रहा है कि कभी न कभी तो वह स्वस्थ होगा। उसकी बहन भी हर रक्षाबंधन पर उसकी कलाई पर राखी बांध कर यही कामना करती है।
भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास से मनाया
बारडोली. जिले भर में रविवार को सावन पूर्णिमा पर रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। बहनों ने भाइयों का टीका कर उनकी कलाइयों पर राखी बांधी। भाइयों ने बहनों को सहयोग करने का संकल्प लिया। रक्षाबंधन पर रविवार को बहनों ने सज-धजकर भाइयों को टीका कर उनकी कलाइयों पर राखी बांधी। भाइयों ने बहनों को जीवन भर सहयोग करने का संकल्प लिया। साथ ही बहनों को खुश करने के लिए भेंट और उपहार भी दिए। रक्षाबंधन को लेकर शहर में मिठाई, कपड़े, ज्वैलरी और गिफ्ट की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही बहनें राखी बांधने के लिए भाइयों के घर रवाना हुई, वहीं भाई भी बहनों के घर पहुंचे।
गूंजे महादेव के जयकारे, लहराया केसरिया ध्वज
बूंदी. हाथों में कांवड़, केसरिया ध्वज लहराते और हर-हर महादेव, बम-बम भोले के जयकारे लगाते सैकड़ों श्रद्धालु। बैंड की स्वर लहरियों पर थिरकती महिलाएं। मौका था छोटीकाशी के नाम से विख्यात बूंदी शहर में शिव कीर्तन मंडल की ओर से निकाली गई कांवड़ यात्रा का। इस यात्रा में सूरत से कई जने शामिल हुए। बूंदी से सूरत पहुंचकर व्यापार कर रहे कई परिवार हर साल कांवड़ यात्रा में शामिल होने यहां आते हैं।
Published on:
26 Aug 2018 07:51 pm
