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सूरत. नौ साल पहले सलाबतपुरा में 73 वर्षीय वृद्घा की हत्या कर 89 हजार रुपए की लूट की वारदात में लिप्त सात में से दो अभियुक्तों को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुना दी, जबकि अन्य पांच अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए आरोपों से बरी कर दिया।
सलाबतपुरा में बेगमपुरा हातिम मंजिल निवासी फिजा बी दागिनावाला (73) 31 जुलाई, 2010 को घर में अकेली थी, तभी दो युवक घर में घुस गए और फिजा बी की गला दबा कर हत्या कर दी। वह उसके शरीर से गहने तथा अलमारी से गहने और नकद रुपए लूट कर फरार हो गए थे। सलाबतपुरा पुलिस ने रुस्तमपुरा रावणताड़ निवासी मां-बेटी इरशाद बी बसारतअली सैयद तथा शबनम बसारतअली सैयद, पति-पत्नी सइदा शेख और निसार शेख तथा महाराष्ट्र के अमलनेर से दीपक रावा पाटिल, कैलाश रामकृष्ण नवघरे और पारोला से सुनील उर्फ पहलवान लक्ष्मण पाटिल को गिरफ्तार कर लिया था। सातों अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट पेश होने के बाद मामले की सुनवाई सेशन कोर्ट में चल रही थी। सुनवाई के दौरान सहायक लोकअभियोजक अरविंद वसोया आरोपों को साबित करने में सफल रहे। गुरुवार को अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने अभियुक्त कैलाश रामकृष्ण नवघरे तथा सुनील उर्फ पहलवान को लूट और हत्या के लिए दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जबकि अन्य पांच अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
मां-बेटी पर था साजिश रचने का आरोप
फिजा बी की हत्या कर लूट की साजिश रचने का आरोप रुस्तमपुरा रावणताड़ निवासी मां-बेटी इरशाद बी और शबनम बी पर था। घर गिरवी होने के साथ उन्हें बीसी के रुपए भी भरने थे। रुपयों के लिए दोनों ने अकेली रहने वाली फिजा बी की हत्या और लूट की साजिश रची। इसके लिए उन्होंने बीसी चलाने वाले दंपती सइदा शेख और निसार शेख से संपर्क किया। इस दम्पती ने अमलनेर निवासी दीपक रावा पाटिल से संपर्क किया और दीपक के कहने पर कैलाश नवघरे तथा सुनील उर्फ पहलवान ने सूरत आकर वारदात को अंजाम दिया।
Published on:
24 Oct 2019 08:26 pm
