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VNSGU : वीएनएसजीयू से मांगी जातीय भेदभाव मामलों की जानकारी

एससी, एसटी और ओबीसी को लेकर कितने मामले हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने जानकारी देने का दिया आदेश
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सूरत

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Divyesh Kumar Sondarva

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Updated: 17 Oct 2018, 8:06 PM IST

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VNSGU : वीएनएसजीयू से मांगी जातीय भेदभाव मामलों की जानकारी

सूरत.

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय से जातीय भेदभाव के मामलों की जानकारी मांगी है। संबंधित विभाग और महाविद्यालयों को भी जातीय भेदभावों के मामलों की जानकारी देने का आदेश दिया गया है। एससी, एसटी और ओबीसी को लेकर कितने मामले हुए, शिकायत के आधार पर क्या कार्रवाई की गई, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने यह सारी जानकारी देने का आदेश दिया है। हाल ही सिंडीकेट सदस्य भावेश रबारी ने कुलपति डॉ. शिवेन्द्र गुप्ता पर जातीय भेदभाव का आरोप लगाया था। इस मामले में भावेश ने राज्यपाल से शिकायत की थी। विश्वविद्यालय के गणित के विभागाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर विवाद चल रहा है। यहां भी कुलपति पर आरोप लगाया गया कि जाति को लेकर नियुक्ति नहीं की जा रही है। इस मामले को लेकर सिंडीकेट में हंगामा हुआ है।

कुलपति पर आरोप लगाया
परीक्षा, प्रश्नपत्र, उत्तर पुस्तिका, अंकतालिका और प्रवेश को लेकर कई विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय और कुलपति के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की थी। अब सिंडीकेट सदस्य भावेश रबारी ने अपनी पीएचडी थीसिस को लेकर कुलपति के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी कारणों से कुलपति ने उनकी थीसिस को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने नियम के अनुसार पीएचडी के लिए रिसर्च की, कोर्स वर्क किया, पेपर प्रस्तुत कर थीसिस पूर्ण की। इसमें छह साल का समय लगा। थीसिस को जब विश्वविद्यालय प्रशासन में जमा करवाया गया तो कुलपति ने उसे स्वीकारने से मना कर दिया। भावेश ने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों के मामलों को लेकर वह बार-बार अपील करने जाते हैं, जो विश्वविद्यालय प्रशासन को पसंद नहीं है।

एनएसयूआइ ने कुलपति कार्यालय का घेराव किया

एनएसयूआइ ने वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय का घेराव किया। संगठन ने नई प्रवेश प्रणाली पर विरोध जताया और रामधुन गाकर प्रवेश को लेकर विद्यार्थियों की परेशानी दूर करने की मांग की। कुलपति डॉ.शिवेन्द्र गुप्ता ने पदभार संभालते ही 20 साल पुरानी केंद्रीय प्रवेश प्रणाली बंद कर विकेंद्रित प्रवेश प्रणाली लागू की थी। यह प्रणाली विद्यार्थियों को सुविधा के बजाय दुविधा दे रही है। इसके खिलाफ सिंडीकेट सदस्य भावेश रबारी की अगुवाई में एनएसयूआइ के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कुलपति कार्यालय का घेराव किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने कुलपति कार्यालय के पास धरना भी दिया। संगठन ने मांग की कि नई प्रवेश प्रणाली में सुधार किया जाए। यूजी, पीजी और लॉ में प्रवेश को लेकर विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं। हेल्प सेंटर और हेल्पलाइन नहीं है।

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