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नडाल को मात देकर मेक्सिको ओपन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे किर्गियोस, अब बावरिंका से होगा मुकाबला

किर्गियोस ने तीन सेटों तक चले कड़े मुकाबले में नडाल को हराया सेमीफाइनल के लिए अब उनका सामना होगा बावरिंका से नडाल की विश्‍व रैंकिंग 2 है, जबकि किर्गियोस की 72वीं
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नडाल को मात

नडाल को मात देकर मेक्सिको ओपन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे किर्गियोस, अब बावरिंका से होगा मुकाबला

अकापुल्को : निक किर्गियोस टेनिस जगत में एक ऐसे प्‍लेयर हैं, जिनकी छवि जायंट किलर की है। वह पिछले कुछ लंबे समय से लगातार प्लेयरों का शिकार करते रहे हैं, लेकिन इसके बाद वह किसी अनजान खिलाड़ी से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो जाते हैं। इस वजह से वह अब भी विश्‍व रैंकिंग में 72वें स्थान पर हैं।

फिर किया ख्‍याति के अनुरूप प्रदर्शन
अकापुल्‍को में खेले जा रहे मेक्सिको टेनिस रैंकिंग में एक बार फिर अपनी जायंट किलर की ख्‍याति के साथ न्‍याय करते हुए विश्‍व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर काबिज राफेल नडाल को तीन सेटों तक चले कड़े मुकाबले में हरा डाला। और इसी के साथ नडाल को 3-6, 7-6, 7-6 से हराकर मेक्सिको ओपन के क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली। अब वह सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए स्‍टेनसिलास बावरिंका से मुकाबला करेंगे।

चोट से उबरने के बाद नडाल कर रहे थे वापसी
आस्ट्रेलियाई ओपन के फाइनल में नोवाक जोकोविच से हारने के बाद नडाल का यह पहला टूर्नामेंट था। आस्‍ट्रेलियन ओपन मैच के दौरान वह चोटिल हो गए थे। इसलिए लंबे समय तक कोर्ट से दूर थे। किर्गियोस के खिलाफ खेले गए पहले सेट में नडाल ने 6-3 से जीत हासिल की थी। इसके बाद दूसरे सेट में टाईब्रेकर में गए मुकाबले में 7-6 से हार गए थे। तीसरे सेट में भी वह बढ़त ले चुके थे और जीत के काफी करीब थे। यहां से वापसी करते हुए किर्गियोस ने मैच को टाइब्रेकर में पहुंचाया और फिर नडाल से जीत छीन ली। अब किर्गियोस का नडाल के साथ करियर रिकॉर्ड 3-3 की बराबरी पर आ गया है।

नडाल ने की किर्गियोस की तारीफ
मैच हारने के बाद संवाददाता सम्‍मेलन में नडाल ने किर्गियोस की जमकर तारीफ की। उन्‍होंने कहा कि 23 वर्षीय किर्गियोस एक ऐसा खिलाड़ी है, जिसमें बहुत प्रतिभा है। वह ग्रैंड स्लैम तक जीत सकता था और रैंकिंग के शीर्ष पदों पर भी पहुंच सकता है। इसके बावजूद वह रैंकिंग में इतना पीछे है तो यह सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्यों? तो उनकी समझ से इसका एक ही कारण समझ में आता है कि प्रतिद्वंद्वी और खुद के प्रति उसके मन में सम्मान का अभाव है।