
बड़ागांव धसान का तहसील भवन।
दरारों में सीमेंट की जगह भरा जा रही पुट्टी, अधिकारियों ने पुन: निर्माण कराने के दिए निर्देश
टीकमगढ़. बड़ागांव धसान वर्ष २०२१ में ६ करोड का तहसील भवन हैंड ओवर किया गया था। कुछ महीनों में तहसील भवन दरक खा गया और कई जगह से बारिश का पानी टपक रहा है। मामले की शिकायत संबंङ्क्षधत विभाग और एसडीएम को मिली। निरीक्षण के बाद दीवारों को सही कराने निर्देश दिए, लेकिन संबंधित ठेकेदार द्वारा सीमेंट की जगह पुट्टी भरी जा रही है। जो बारिश के दौरान निकल जाएगी और फिर से खंडहर की स्थिति में दिखाई देने लगेगा।
बड़ागांव धसान क्षेत्र के लिए पूर्ण दर्जा प्राप्त तहसील की मांग वर्षों से की जा रही थी। दर्जा प्राप्त होने के बाद ६ करोड रुपए से भवन निर्माण कराए जाने की स्वीकृति वर्ष २०१७-१८ में मिली थी। ठेकेदार द्वारा काम जारी दिया गया। निर्माण के दौरान शिकायतें हुई, लेकिन पीआईयू (पीडब्ल्यूडी) विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया गया। दो साल बाद हैंड ओवर देने की प्रक्रिया शुरु हुई, लेकिन तहसील के अधिकारियों द्वारा हैंड ओवर लेने से इंकार कर दिया। राजनैतिक दवाब के चलते वर्ष २०२१ में तहसील भवन हैंडओवर ले लिया। कुछ महीने बाद भवन में दरारें दिखाई देने लगी और बारिश में पानी टपकने लगा। जहां कर्मचारियों और किसानों को बैठने की जगह नहीं मिल रही है।
शौचालय से लेकर छतों की दीवार में दरारें
राजस्व विभाग में आने वाले आमजनों के लिए शौचालय निर्माण किया गया, उसमें लगाए गए पत्थर उखडक़र टूट गए है। इसके साथ भवन के आगे वाले हिस्सा से सीमेंट की परत गिर गई और छतों की दीवार में बड़ी दरारें आ गई है। यही हाल पूरे भवन का बताया जा रहा है। गुणवत्ताहीन तरीके से निर्माण किए गए भवन में कभी दुर्घटना हो सकती है।
कमी छुपाने यह चला सिलसिला
बताया गया कि राजस्व विभाग और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी २२ जुलाई को निरीक्षण करने पहुंचे थे। उन्होंने निर्माणधीन भवन का निर्माण किया और जांच प्रतिवेदन बनाकर भवन को खराब बता दिया। अधिकारियों ने खराब निर्माण को तोडक़र पुन: निर्माण कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों के निर्देश के बाद संबंधित ठेकेदार ने उस कार्य को तोडे बगैर पुट्टी भरवाना शुरू कर दिया। अधिकारियों को मामले की जानकारी मिली। उन्होंने पुट्टी को भरवाना बंद कराया और संबंधित ठेकेदार को फटकार लगाकर सात दिवस में कार्य कराने के निर्देश दिए।
इनका कहना
तहसील भवन में दरारें आ गई और सही तरीके से निर्माण नहीं किया गया। संबंधित ठेके दार को कार्य कराने के निर्देश दिए जाएंगे। अगर उसके द्वारा निर्माण नहीं कराया जाता है तो संबंधित कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।
संजय द्विवेदी, एसडीएम टीकमगढ़।
वह भवन वर्ष २०२१ में स्वीकृत हुआ और वर्ष २०२१ में हैंडओवर हो गया था। मरम्मत कार्य गुणवत्ताहीन होने के कारण पलस्टर गिर रहा है और दीवारे क्रेक हो गई है। उन्हें तोडऩे के निर्देश दिए गए है। संबंधित द्वारा दरारों में पुट्टी भरी जा रही थी, तो रोक दिया है। सात दिवस में पुन: निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए गए है।
इंद्रकुमार शुक्ला, ईई पीडब्ल्यूडी टीकमगढ़।
Published on:
30 Jul 2024 10:58 am
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