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बच्चों की मौत के बाद भी नहीं जागा प्रशासन, मेडिकल स्टोर पर बिना पर्ची के बिक रही ‘कफ सिरप’

MP News: टीकमगढ़ और छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत के बाद भी मेडिकल स्टोर पर कफ सीरप आसानी से मिल रहा है। लोग बिना डॉक्टर की सलाह दवाएं ले रहे हैं। प्रशासन ने अभी भी मूंद रखी है आंखें।
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टीकमगढ़

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Akash Dewani

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Updated: 4 Oct 2025, 12:46 PM IST

भिलाई जिले में ट्रैफिक आरक्षक को अपनी कार से रौंदने की कोशिश करने वाले दो आरोपियों को थाना पुरानी भिलाई पुलिस ने गिरफ्तार किया है।(photo-patrika)

भिलाई जिले में ट्रैफिक आरक्षक को अपनी कार से रौंदने की कोशिश करने वाले दो आरोपियों को थाना पुरानी भिलाई पुलिस ने गिरफ्तार किया है।(photo-patrika)

Fake Cough Syrup Children Deaths: छिंदवाड़ा में कफ सिरप से बच्चों की मौत के बाद भी टीकमगढ़ जिले का स्वास्थ्य अमला बेफिक्र है। यहां पर मेडिकल स्टोर पर अब भी बिना डॉक्टरों के पर्चे के लोगों को कफ सिरप दिए जा रहे हैं तो कई जगहों पर डॉक्टरों द्वारा लिखे गए सीरप की जगह दूसरी कंपनी के सिरप पकड़ाए जा रहे हैं। शुकवार को पत्रिका ने इस मामले में 10 मेडिकल स्टोर को चैक किया तो यह लापरवाही दिखाई दी। साथ ही लोग भी इसे लेकर जागरुक होते नहीं दिखाई दिए। छिंदवाड़ा में 9 बच्चों की मौत का कारण कफ सिरप बताया जा रहा है। (MP News)

पत्रिका ने की पड़ताल

बताया गया है कि इसके उपयोग से बच्चों की किडनी फेल होकर मौत हुई है। इन मामलों के बाद पत्रिका ने जिले में हाल जानने का प्रयास किया तो यहां भी यह लापरवाही दिखाई दी। बच्चों के बीमार होने पर लोग मेडिकल स्टोर पर जाकर सोधे दवाएं लेते दिखाई दिए। इसमें सर्दी, जुकाम और बुखार की दवाएं प्रमुख थी। मौसम के बाद अधिकांश लोग जुकाम से कफ जमने की शिकायत कर दवाएं ले रहे थे। ऐसे में यहां पर भी मेडिकल संचालक अपने मनमुताबिक कंपनी की दवाएं दे रहे थे।

एसोसिएशन से बात करेंगे

दवाओं को लेने के लिए लोगों को भी जागरुक होना चाहिए। जिले में बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने का बड़ा चलन है। यहां पर लोग मेडिकल पर जाकर खुराक मांगते है। बच्चों के मामले में यह लापरवाही गंभीर हो सकती है। बच्चों के लिए इस प्रकार से दवाएं न दी जाए, इसके लिए फार्मासिस्ट एसोसिएशन से बात कर इस पर रोक लगाने का प्रयास किया जाएगा।- डॉ. पीके माहौर, सीएमएचओ, टीकमगढ़।