
इजराइल-हमास के बीच छिड़े युद्ध में फंसी टीकमगढ़ की स्वाति सिरोठिया आखिरकार शनिवार को सुरक्षित भारत लौट आईं। भारत सरकार के प्रयासों के बाद स्वाति को सुरक्षित भारत लाया गया है। स्वाति टीकमगढ़ जिले के कुंडरेश्वर धाम की रहने वाली हैं जो इजराइल में रहकर पढ़ाई कर रहीं थीं और जब युद्ध शुरु हुआ तो इजराइल में ही फंस गई थीं। बंकर में छिपी स्वाति ने फोन के जरिए मदद की गुहार लगाई थी। वहीं कुंडरेश्वर में रहने वाले उनके परिजन ने भी स्थानीय प्रशासन और सरकार से बेटी को वापस लाने की गुहार लगाई थी।
दिल्ली पहुंचते ही दिखी चेहरे पर मुस्कान
युद्ध का मंजर झेलने के बाद जैसे ही स्वाति शनिवार सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंची तो उसके चेहरे पर मुस्कान उसकी वतन वापसी की खुशी को साफ जाहिर कर रही थी। स्वाति नवंबर 2019 में इजराइल सरकार की सहमति से एमएससी एग्रीकल्चर करने के लिए इजराइल गई हुई थी, इसी साल अक्टूबर में उसकी डिग्री कंप्लीट होनी थी। 30 अक्टूबर को उसका भारत वापसी का वीजा था लेकिन इससे पहले ही हमास और इजराइल के बीच युद्ध शुरु हो गया। युद्ध शुरु होने के बाद स्वाति एक बंकर में रह रही थी।
फोन पर मांगी मदद
बंकर में फंसी स्वाति ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई थी। मोबाइल पर वीडियो कॉल कर परिजन से भी वापस लाने की बात कहते हुए युद्ध के खौफनाक मंजर बयां किए थे। जिसके बाद स्वाति के परिजन ने 8 अक्टूबर को टीकमगढ़ कलेक्टर से मदद की गुहार लगाई थी और सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री से भी मदद की गुहार लगाई थी। रोजाना परिजन बेटी की सलामती के प्रार्थना कर रहे थे जो अब पूरी हो गई है। स्वाति के सुरक्षित भारत लौटने पर उनके माता-पिता ने मीडिया, मध्यप्रदेश सरकार और पीएम नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है।
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Published on:
14 Oct 2023 07:27 pm
