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राम कथा सुनने उमड़े लाखों लोगों से भर गई सड़कें, छोटा पड़ गया विशाल पांडाल,

श्रीराम कथा की कलश यात्रा में श्रद्धा का सैलाब, टीकमगढ़ में पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा शुरु, जगह-जगह कलश यात्रा पर पुष्प वर्षा की गई, महेंद्र सागर तालाब से गाजे-बाजे व हाथी-घोड़ा बग्घी के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई।

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टीकमगढ़. एमपी के टीकमगढ़ में कथावाचक व बागेश्वर धाम के संत धीरेंद्र शास्त्री की कथा में लाखों लोग उमड़े। विशाल पांडाल भी छोटा पड़ गया।शहर के गंजीखाना नारायण दास स्टेडियम में श्रीमद् भागवत कथा शुरू हुई। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मसभा में श्रोताओं को संबोधित किया। इससे पूर्व प्रसिद्ध महेंद्र सागर तालाब से गाजे-बाजे व हाथी-घोड़ा बग्घी के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा।

कलश यात्रा में नगर सहित आसपास के गांवों की हजारों की संख्या में महिलाएं पीत वस्त्र पहन कर नाचते गाते हुए चल रही थीं। कलश यात्रा महेंद्र सागर तालाब से शहीद नारायणदास खरे गंजी खाना स्टेडियम पहुंची। यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन को भी भारी मशक्कत करनी पड़ी। कलश यात्रा में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं पड़े इसके लिए ट्रैफिक पुलिस को मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी करनी पड़ी। कारी तिगैला से ही मबई होते हुए वाहनों को बस स्टैंड तक पहुंचने की व्यवस्था की गई थी। वहीं शासकीय कालेज के पास महेन्द्र सागर तालाब के पूर्वी छोड़ पर बनी सडक़ से वाहनों को नया बस स्टैंड की ओर रवाना किया गया। शहर में गांधी चौराहे से आगे भी ट्रैफिक पुलिस छोटे-बड़े वाहनों को बाजार की ओर नहीं जाने दे रही थी।

चाकचौबंद रही व्यवस्था
जजमान राजेंद्र तिवारी ने बताया कि जिले भर से गांव-गांव से आने वाली हजारों की संख्या में महिलाओं व भक्तों के लिए ठहरने व भोजन की व्यवस्था की गई थी। वहीं स्टेडियम में वाहनों की व्यवस्था के लिए आयोजन से जुड़े कार्यकर्ता पूरी मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी निभाई। व्यवस्थाओं को लेकर गठित टीमों के सदस्यों ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई।

पुष्प वर्षा की गई
कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री तालदरवाजा स्थित यजमान राजेन्द्र तिवारी के निवास पर पहुंचे। यहां उनका विधि विधान से स्वागत सत्कार किया गया। इसके बाद महेंद्र सागर तालाब पहुंचे। महेंद्र सागर तालाब पर विधि विधान से कलश में जल भर कर गाजे बाजे के साथ कलश यात्रा शुरू हुई। कलश यात्रा पर जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई। रास्ते में जगह-जगह बाजारों में कलश यात्रा में शामिल भक्तों के लिए प्याऊ व जलपान की व्यवस्था की गई थी। कथा स्थल नारायण दास खरे स्टेडियम में बने भव्य पांडाल में विधि-विधान व मंत्रोच्चार के बीच व्यासपीठ की स्थापना की गई, जहां से बागेश्वर धाम के संत सुप्रसिद्ध कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने श्रीराम कथा का श्रीगणेश किया। कथा के प्रथम दिन ही पांडाल छोटा पड़ गया।

व्यास पीठ से कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जो भक्त भगवान शिव को गुरु को मानते हैं उन भक्तों को श्रीराम के लिए भटकना नहीं पड़ता। इसलिए गोस्वामी तुलसीदास ने महादेव को गुरु मानते हुए श्रीराम चरित मानस की रचना की। उन्होंने आगे कहा कि टीकमगढ़ संतों की भूमि है। टीकमगढ़ में नौ दिनों तक नउधा कथा होगी, जिसमें धर्म की गंगा बहेगी। शहर में निकली कलश यात्रा अद्भुत ही नहीं ऐतिहासिक भी रही। इस अवसर पर चौपाई गाकर नउधा कथा का श्रीगणेश किया। भव्य पांडाल में हजारों की संख्या में श्रोताओं ने संगीतमय कथा का श्रवण कर धर्मलाभ लिया। इस दौरान भक्तजन झूमते-नाचते भी दिखे।