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दहेज के 40 लाख ठुकरा दिए, पिता को खुश करने 501 रुपए में सगाई की

मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ में हुई इस शादी की चर्चा सोशल मीडिया पर जमकर हो रही है, लोग दूल्हे के फैसले की तारीफ कर रहे हैं...।

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कार्यक्रम के दौरान लडक़ा लडक़ी के पिता।

कार्यक्रम के दौरान लडक़ा लडक़ी के पिता।

दहेज प्रथा भले ही एक कानूनन अपराध हो, लेकिन हमारे समाज में अभी भी धड़ल्ले से चलता है। भारत में शायद ही ऐसा कोई कोना हो, जहां शादियों में दहेज न लिया जाता हो। हालांकि समाज में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो दहेज के सख्त खिलाफ हैं।

एक ऐसा ही मामला बल्देवगढ़ जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत श्यामपुरा (चिकनियां) गांव में सामने आया है।
माडूमर निवासी वकील हरिकिशन राजपूत ने बताया कि 2 फरवरी को मेरी नातिन की सगाई का कार्यक्रम श्यामपुरा (चिकनियां) हाल निवास बल्देवगढ़ में हुआ था।

शिवपुरी जिले के अमोलपठा करैरा से वर पक्ष से सभी लोग आए थे। सगाई (फलदान) कार्यक्रम शुरू हुआ, वधू पक्ष की ओर से थाली में 40 लाख रुपए रखे गए थे। जब दूल्हे को थाली में सजाकर इतने सारे रुपए तिलक के रूप में चढ़ाया जा रहा था, तभी दूल्हे ने पंडित को बीच में ही टोक दिया। दूल्हे ने थाली में रखे 40 लाख रुपए को यह कह कर ठुकरा दिया कि उसे दहेज नहीं चाहिए। वधू पक्ष भी हैरान हो गया। कुछ पल के लिए वहां सन्नाटा पसर गया।

दोनों परिवार हैं शिक्षित

हरिकिशन राजपूत ने बताया कि दरअसल दूल्हे के पिता अमर सिंह लोधी अमोलपठा करैरा निवासी पेशे से एक शिक्षक और मां आंगनबाड़ी में सुपरवाइजर है। उनका लड़का कपिल लोधी भोपाल रेलवे में जूनियर इंजीनियर के पद पर पदस्थ है। उन्होंने बताया कि श्यामपुरा (चिकनियां ) गांव के मेरे दामाद भागचंद्र लोधी शिक्षक है और नातिन प्रीति लोधी बड़ा मलहरा में शिक्षक के पद पर कार्यरत है। उन्होंने बताया कि वर पक्ष दहेज के खिलाफ है और वह दहेज न लेंगे और न ही दहेज देंगे।

पहले छा गया था सन्नाटा

उनका कहना था कि शादी फिक्स होने के पहले विभिन्न शर्तें रखी गई थी। सगाई (फलदान) कार्यक्रम की तारीख 2 फरवरी रविवार को तय हुआ। बल्देवगढ़ गार्डन में ढोल-नगाड़े, आतिशबाजी और भोजन चल रहा था। सगाई कार्यक्रम में मंगल गीतों का गायन हो रहा था, उसी दौरान वर पक्ष कार्यक्रम में शामिल हो गया। नकद 40 लाख रुपए की थाली सामने आई तो जूनियर इंजीनियर कपिल लोधी ने रुपए लेने से मना कर दिया। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोग हैरान हो गए और गीतों का गायन एकाएक बंद हो गया। कुछ देर तक सन्नाटा छाया रहा। लोगों के दिमाग में तरह-तरह के सवाल आने लगे। कुछ ही देर में दूल्हे ने 40 लाख रुपए को लौटा कर दहेज के नाम पर पिता को खुश करने के लिए 501 रुपए उठाए और शादी में दहेज न लेने की शर्त रख दी। फिर तालियों की गड़गड़ाहट शुरू हो गई। अब दूल्हे के फैसले की सराहना सोशल मीडिया पर भी हो रही है।