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अनिल रावत
टीकमगढ़/पृथ्वीपुर. आजादी की 75वें वर्ष को पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाए जाने की तैयारियां जोरों पर हैं। हर घर तिरंगा अभियान को लेकर भी लोगों में गजब का उत्साह देखा जा रहा है। आम लोगों के साथ ही अधिकारी भी हर घर तिरंगा फहरे इसके लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। शुक्रवार को टीकमगढ़ के पृथ्वीपुर में तिरंगे के प्रति जज्बे की एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसे देखकर हर देशवासी का सीना गर्व से चौड़ा हो जाए। दरअसल यहां शुक्रवार को पृथ्वीपुर एसडीओपी संतोष पटेल 800 मीटर लंबे तालाब को पारकर एक बुजुर्ग मां को उसके घर पर तिरंगा देने पहुंचे।
तालाब पार कर बुजुर्ग मां के घर पहुंचाया तिरंगा
आजादी के अमृत महोत्सव का पर्व अभी से अपने चरम पर पहुंचता दिख रहा है। हर घर तिरंगा अभियान को लेकर शासन और प्रशासन किस हद तक तैयारियां कर रहा है, इसका उदाहरण शुक्रवार को पृथ्वीपुर ब्लॉक के ग्राम लड़वारी में देखने को मिला। यहां पर तिरंगा को लेकर लोगों के बीच अपील करने पहुंचे एसडीओपी संतोष पटेल ने देखा कि तालाब के दूसरे छोर पर कुछ मकान है। पता चला कि केवट समाज के कुछ घर हैं और बारिश में तालाब भर जाने पर उस तरफ जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है।
एसडीओपी संतोष पटेल को लगा कि कहीं ऐसा न हो कि अमृत महोत्सव में यह घर तिरंगा फहरने से छूट जाए तो उन्होंने तत्काल ही नाविक को बुलाकर अपने हाथों में तिरंगा लेकर तालाब पार करने निकल पड़े। यह देखकर केवट समाज के कुछ युवा भी खुद को नहीं रोक सके और उन्होंने भी हाथों में तिरंगा लेकर तालाब में छलांग लगा दी। 800 मीटर का तालाब पार कर एसडीओपी ने तिरंगा इस घर तक पहुंचाया।
आंखों से बह निकली श्रद्धा
तिरंगे को लेकर जोश से भरे एसडीओपी ने जब यह तिरंगा यहां पर रहने वाली बुजुर्ग मां मिथला केवट को दिया। तो उसके बाद जो हुआ वो आंखे नम कर देने वाला था। बुजुर्ग मां मिथला ने राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान के साथ सिर से लगाया और फिर अपनी साड़ी के छोर की गांठ खोलकर उसमें बंधे 20 रुपए निकाल कर एसडीओपी पटेल के हाथ में रख दिए। उन्होंने कहा कि अपने देश के ध्वज को वह अपनी कमाई के रुपयों से ही लगाएंगी। मां का यह समपर्ण देखकर एसडीओपी की आंखे नम हो गई। उनका कहना था कि यह देश ऐसे ही महान नहीं है। हमारे देश के मान बिंदुओं पर आज भी मिथला जैसी माताओं का पूरा विश्वास और सम्मान है।
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Published on:
06 Aug 2022 02:16 pm
