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लकड़ी का समान ही आता है पसंद, प्लास्टिक से रखते हैं दूरी

लोग स्वदेशी सामाग्री से बेहद प्यार करते हैं

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Wood comes the same choice Distance keeping plastic

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टीकमगढ़. बुंदेलखण्ड में लकड़ी का सामान बनाने वाले कलाकारों की कमी नहीं है। यहां के लोग आज भी स्वदेशी सामाग्री से बेहद प्यार करते है। उन्ही से आर्कषित खेल खिलौने, हल, बखर ,बैलगाड़ी सहित अन्य प्रकार की सामाग्री का निर्माण कर अपनी कला का प्रदर्शन करते है। इसके साथ नई पीढ़ी उस सामाग्री को भूला न दे। इसके लिए उन सामानों को शो के रूप में महमान वाले कमरे में रख देते है। बानपुर दरवाजा निवासी बालकिसन विश्वकर्मा ने बताया कि आज हम स्वदेशी लकड़ी से आर्कषित सामाग्री हो बनाते है। एक जमाना था, जब बुंदेलखण्ड के किसान हल, बैल , बखर, चौबरद, पटा, बैलगाड़ी, रांट, चरखी से कृर्षि कार्यो को किया करता था। समय के अनुसार वह सामाग्री दिखना बंद होती जा रही है। जिसके कारण नई पीडि़त उन चीजों को पीछे छोड़ती जा रही है। उन्हें याद करवाने के लिए आर्कषिक लकडी के कृषि यंत्रों सहित अन्य सामानों का निर्माण किया गया।

मुश्किल काम है लकडियों का सामान बनाना
छोटे-छोटे बैलगाड़ी, हल, बखर, पटा के सामानों की डिजाइन करना एक कठिन और मुश्किल काम है। इन्हें बनाने के लिए न तो फरमा है और न ही कागज पर लिखकर बना सकते है और नहीं डिजानइ की बुक आती है। इन्हें बनाने के लिए स्वयं डिजाइन पंसद करनी होती है। स्वीदेशी लकडियों से बनाए गए सामान बहुत आर्कषित दिखते है। लकडियों के सामानों को बनाना सरल है। लेकिन उन्हें बनाना बहुत कठिन काम है।
कला का प्रदर्शन करने प्रदर्शिनियों में लगाए गए लकडियों के सामान,मिला पुरस्कार
बानपुर दरवाजा निवासी बालकिसन विश्वकर्मा ने बताया कि कई वर्षो से लकडियों की सामाग्री बनाने का कार्य करते आ रहे है। यह सामान स्वदेशी लकडियों से बनाना पंसद करते है। कई बार गृहस्थी, कृषि यंत्रों और धार्मिक कार्यो में उपयोग आने वाले सामानों का निर्माण करते है। उन्हीं सामानों को क्षेत्रीय प्रर्दशनी और शिविरों में काउंटर लगा लेते है। इसके साथ ही राष्ट्रीय त्यौहारों पर इन सामानों की झांकी निकाली गई। इस कला को देखकर पुरस्कार भी दिए गए।
इन सामानों में दिखाते है कला
आने वाली पीढ़ी परम्परागत चलने वाले कृषि यंत्रों का निर्माण करते है। जिसमें हल, बैल गाड़ी, बखर, पटा चौबरद, जूआ, राजशाही फाटक, मंदिरों के फाटक, बारह ज्योतिलिंग, रामायण रखने के लिए विशेष प्रकार की रैलिंग, कमल का फूल, मटके, गुण्डी कसैंड़ी सहित अन्य प्रकार के आर्कषित सामान बनाए जाते है।