
अतिक्रमण की भेट चढ़ रहा चतुर्भुज तालाब, शिकायतों के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई
टोंक. जिला प्रशासन व नगर परिषद की उदासीनता के कारण शहर का ऐतिहासिक धार्मिक स्थान चतुर्भुज तालाब का स्वरूप दिनोंदिन बिगड़ता जा रहा है। राजस्व विभाग के अनुसार 36 बीघा से अधिक क्षेत्र के चतुर्भज तालाब के कई हिस्सों में अतिक्रमण किया जा रहा है, लेकिन आज तक अतिक्रमियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
एक ओर नगर परिषद की ओर से बाजार में अतिक्रमण पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं दूसरी ओर तालाब से अतिक्रमण हटाने के लिए लोगों की ओर से कई बार शिकायत करने के बाद नगरपरिषद की ओर से कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति कर दी जाती है। थोडे समय बाद फिर से कोई नया अतिक्रमण तालाब में कर लिया जाता है।
धार्मिक आस्था के केन्द्र इस तालाब पर सालभर कई मेलों व धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जिसमें दीपावली पर गुर्जर व अन्य समाज की ओर से छांट भरना, डोला ग्यारस पर ठाकूरजी को जल विहार करना, गणेश विसर्जन, गुड्डी बुआनी, गणगौर, तेजा दशमी का मेला सहित अन्य धार्मिक आयोजन सम्पन्न होते है।
तालाब के चारों ओर पहाडिय़ों में हुए अवैध खनन के कारण बरसात का पानी तालाब में ना आकर खानों में रूक जाता है। साथ ही तालाब के रास्ते में कई जगहों पर अतिक्रमण सेे बरसात का पानी तालाब तक नही पहुंच पा रहा है। नगर परिषद के गत भाजपा बोर्ड में तालाब के सौन्दर्यकरण व विकास के लिए प्रस्ताव बनाया गया था, जिसमें तालाब के सम्पूर्ण क्षेत्र से अतिक्रमण हटाना, तालाब के घाट का निर्माण, पौधारोपण व तालाब में स्थित ऐतिहासिक छतरी का जीर्णोद्धार , रगं बिरगंी लाइटें, नौकायान, चौपाटी सहित अन्य काम किए जाने थे, लेकिन इनमें से सिर्फ कुछ ही काम हो पाए है। बाकि के काम अभी तक पूरे नहीं हुए है।
बाजार की ली सुध, धरोहर की नहीं
नगर परिषद की ओर से गत दिनों बाजार में पुलिस जाप्ते के साथ फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने की शुरुआत की गई थी, जिसका व्यापारियों ने विरोध किया था। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई। वहीं लोगों का कहना है कि शहर की ऐतिहासिक धरोहर चतुर्भुत तालाब से अतिक्रमण हटाने एवं सौन्दर्यकरण करने की कई बार गुहार की जा चुकी है, लेकिन परिषद आयुक्त एवं सभापति की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
Published on:
06 Dec 2020 07:19 am
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