
राजस्थान में यहां 800 मीटर ऊंचाई पर मंदिर में 300 वर्षों से पुरानी मूर्ति को तोड़ा
राजमहल। क्षेत्र के ब्रह्मपुरी मोहल्ले के पास पहाड़ी पर स्थित लोगों की आस्था का केंद्र वन माता मंदिर पर मंगलवार रात को समाजकंटकों की ओर से वर्षों पुरानी मूर्ति को तोडऩे के साथ ही दानपात्र तोडकऱ नकदी चुराने को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त हो गया। बुधवार सुबह घटना का पता लगते ही लोगों की भीड़ वन माता मंदिर परिसर में जुटने लगी।
देखते ही देखते सैकड़ों लोग एकत्र हो गए और मंदिर परिसर में धरना देकर पुलिस प्रशासन से आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए। इस दौरान युवाओं ने गांव के मुख्य बाजार में पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते हुए बाजार बंद कराया। जो दोपहर तक जारी रहा।
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने बताया कि राजमहल किले के पास पहाड़ी क्षेत्र में लगभग 8 00 मीटर की ऊंचाई पर स्थित वन माता का मंदिर लगभग 300 वर्षों से अधिक पुराना है। यहां हर अष्टमी पर मेले जैसा माहौल रहता है। मूर्ति टूटने से लोगों में रोष व्याप्त है।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार रात करीब 8 बजे पुजारी मंदिर में आरती के बाद घर चला गया था। बुधवार सुबह चार बजे पुजारी पहुंचा तो मंदिर के सभी ताले टूटे व तिजोरी टूटी हुई थी। इससे नकदी गायब थी। मंदिर के अंदर मुख्य मूर्ति भी खण्डित तथा मंदिर के पास बाहर रखी चामुंडा माता की मूर्ति गायब मिली।
पुजारी ने इसकी सूचना मंदिर विकास समिति के पदाधिकारियों व दूनी थाना पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे दूनी थाना अधिकारी नरेश कंवर, पोल्याड़ा पुलिस चौकी प्रभारी जगदीश चौधरी घटनास्थल पर पहुंकर जायजा लिया और टोंक से एफएसएल की टीम को बुलाया गया।
मंदिर परिसर से साक्ष्य जुटाकर ग्रामीणों के रोष को देखते हुए मंदिर क्षेत्र में भारी पुलिस जाप्ता तैनात किया गया। पुलिस लाइन से भी जाप्ता मंगवाया गया। इधर ग्रामीण मौके पर पुलिस के उच्चाधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
ग्रामीणों की मांग पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टोंक विनीत शर्मा, देवली उपाधीक्षक नानगराम मीणा, उपखंड अधिकारी देवली अशोक त्यागी, उनियारा पुलिस उपाधीक्षक दिनेशकुमार, घाड़ थाना अधिकारी घीसालाल राव, बनेठा थानाधिकारी दिनेश कुमार, सोप थानाधिकारी आदि ने धरने पर बैठे लोगों को समझाया, वहीं पुलिस उच्चाधिकारियों की ओर से ग्रामीणोंं को आश्वासन दिया गया कि जल्द ही मूर्ति तोडऩे वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी देवली को 3 दिन में मूर्ति तोडऩे के आरोपी को गिरफ्तार नहीं करने पर छतरी चौराहे पर अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी।
डॉग स्क्वायर्ड से कराई जांच- ग्रामीणों की मांग पर पुलिस की ओर से कोटा से आई स्कॉच नामक मादा डॉग स्क्वायड ने मंदिर परिसर में मूर्ति को तोडऩे के काम में ली गई तलवार को सूंघा। उसके बाद मंदिर की सीढिय़ों से होते हुए धर्मशाला के पास रसोई भंडार में गई, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई।
तीसरी वारदात- कस्बे के वन माता मंदिर परिसर में यह तीसरी घटना है। इससे पहले दो बार मंदिर में दानपात्र तोडऩे की घटनाएं हो चुकी है। जिसमें गत एक माह पूर्व मंदिर का दानपात्र तोडकऱ चोरों ने नकदी पर हाथ साफ कर दिया था । वही मंदिर के मूर्ति से चांदी का मुकुट चुरा कर ले गए थे जिसकी सूचना ग्रामीणों की ओर से दूनी थाने में दी गई थी। इसी प्रकार लगभग 8 दिन पूर्व घटनास्थल से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लोधा समाज के मंदिर में भी समाजकंटको ने शिवलिंग को उखाड़ दिया था।
चूने से निर्मित थी मूर्ति-
मंदिर परिसर में समाजकंटकों की ओर से तोड़ी गई वन माता की मुख्य मूर्ति वर्षों पूर्व चूने से निर्मित की गई थी, वही बाहर रखी चामुंडा माता की मूर्ति पत्थर से बनी हुई थी। मूर्ति के कुछ अंश मंदिर परिसर के करीब झाडिय़ों में मिले हैं, वही कुछ अंश वाटर कूलर के करीब मिले हैं।
जांच की दिशा बदलने के लिए आरोपी ने की तोडफ़ोड़- मंदिर में माताजी की मूर्ति को तोडऩे के दौरान आरोपी ने पहले मंदिर के बाहर लगे वाटर कूलर को तोड़ा है। उसके बाद मंदिर के बरामदे में रखे लोहे के बक्से को तथा फिर अंदर रखे दानपात्र को तोड़ा है। दानपात्र तोडऩे के बाद मंदिर के दरवाजे का ताला तोड़ा।
उसके बाद मुख्य मूर्ति को तोड़ा गया है। दानपात्र अभी कुछ दिनों पूर्व ही अष्टमी को खोला गया था। जिसमें कुछ ही राशि होना बताया जा रहा है। आरोपी की ओर से दानपात्र व मूर्ति तोडऩे के अलावा अन्य चोरी नहीं की गई है। इससे माना जा रहा है कि आरोपी ने मंदिर में तोडफ़ोड़ महज सिर्फ पुलिस द्वारा की जाने वाली जांच की दिशा बदलने के लिए किया है।
Published on:
12 Sept 2019 11:59 am
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